एशिया कप हैंडशेक विवाद के बीच पाकिस्तान पर सौरव गांगुली का करारा वार: "मैं भारत बनाम अफगानिस्तान देखना पसंद करूंगा"
भारत के पूर्व कप्तान और बीसीसीआई के पूर्व अध्यक्ष सौरव गांगुली ने पाकिस्तान क्रिकेट की गिरती हुई स्थिति पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। गांगुली ने साफ कहा कि अब वे भारत बनाम पाकिस्तान मैच की जगह भारत बनाम अफगानिस्तान का मुकाबला देखना ज्यादा पसंद करेंगे..
कोलकाता। भारत के पूर्व कप्तान और बीसीसीआई के पूर्व अध्यक्ष सौरव गांगुली ने पाकिस्तान क्रिकेट की गिरती हुई स्थिति पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। गांगुली ने साफ कहा कि अब वे भारत बनाम पाकिस्तान मैच की जगह भारत बनाम अफगानिस्तान का मुकाबला देखना ज्यादा पसंद करेंगे।
गांगुली ने कोलकाता में एक सार्वजनिक कार्यक्रम में कहा, “अब भारत और पाकिस्तान के बीच कोई मुकाबला नहीं रहा। हम हमेशा पाकिस्तान को वकार यूनिस, वसीम अकरम, सईद अनवर और जावेद मियांदाद जैसी दिग्गज हस्तियों से जोड़कर सोचते हैं। लेकिन मौजूदा पाकिस्तान टीम का स्तर उनसे बिल्कुल अलग है। अब दोनों टीमों में जमीन-आसमान का फर्क है।”
गांगुली की यह टिप्पणी भारत की पाकिस्तान पर सात विकेट से जीत के बाद सामने आई। दुबई में हुए इस एशिया कप मुकाबले के बाद चर्चा मैदान के खेल से ज्यादा उस घटना को लेकर हुई जब भारतीय खिलाड़ियों ने पहलगाम आतंकी हमले की पृष्ठभूमि में पाकिस्तानी खिलाड़ियों से हाथ मिलाने से इनकार कर दिया था।
गांगुली ने कहा कि उन्हें पाकिस्तान की एकतरफा हार देखकर कोई हैरानी नहीं हुई। उन्होंने कहा, “पाकिस्तान अब मुकाबले के लायक नहीं है। मैं यह सम्मानपूर्वक कह रहा हूं क्योंकि मैंने उनकी पुरानी टीमों को देखा है। मौजूदा पाकिस्तान टीम में क्वालिटी की कमी है। भारत ने यह मैच बिना विराट कोहली और रोहित शर्मा जैसे दिग्गजों के खेला, फिर भी वह पाकिस्तान और बाकी एशिया कप टीमों से बहुत आगे है।”
उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा, “मुझे वास्तव में हैरानी नहीं हुई। मैंने मैच के पहले 15 ओवर ही देखे और फिर मैनचेस्टर यूनाइटेड और मैनचेस्टर सिटी का मैच देखने लगा”
भारत बनाम अफगानिस्तान: नई प्रतिद्वंद्विता?
भारत-पाकिस्तान पारंपरिक प्रतिद्वंद्विता की धार खत्म होने की ओर इशारा करते हुए गांगुली ने कहा, “अब मैं भारत को ऑस्ट्रेलिया, साउथ अफ्रीका, न्यूजीलैंड, इंग्लैंड, श्रीलंका या यहां तक कि अफगानिस्तान के खिलाफ देखना पसंद करूंगा। भारत और पाकिस्तान का मुकाबला अब प्रतिस्पर्धी नहीं रहा। हम इसे लगातार बड़ा चढ़ाकर पेश करते हैं, लेकिन पिछले पांच सालों में हर बार यह उम्मीद धराशायी हुई है। यह एकतरफा हो चुका है।”
गांगुली का यह बयान क्रिकेट प्रेमियों और विशेषज्ञों के बीच बढ़ती उस भावना को दर्शाता है जिसमें माना जा रहा है कि पाकिस्तान क्रिकेट, जो कभी रॉ टैलेंट और तेज गेंदबाजी का गढ़ था, अब प्रदर्शन, ढांचे और निरंतरता की कमी से जूझ रहा है।
मैच बाद हैंडशेक विवाद पर चुप्पी
मैच के बाद भारतीय खिलाड़ियों द्वारा पाकिस्तानी खिलाड़ियों से हाथ नहीं मिलाने की घटना पर गांगुली ने कोई सीधी टिप्पणी नहीं की। उन्होंने कहा, “यह सवाल आपको सूर्यकुमार यादव से पूछना चाहिए, वही इसका जवाब देंगे। मैं तो बहुत दूर हूं, अपना एथनिक ब्रांड लॉन्च कर रहा हूं। उन्होंने इस पर पहले ही जवाब दे दिया है... हर किसी की अपनी कहानी होती है।”
हालांकि उन्होंने शांति और आतंकवाद पर अपनी राय जरूर रखी, “आतंकवाद रुकना चाहिए, यही सबसे जरूरी है। पूरी दुनिया में, सिर्फ भारत-पाकिस्तान में नहीं।”
What's Your Reaction?