सुप्रीम कोर्ट ने SIMI पर प्रतिबंध को बरकरार रखा, याचिका पर सुनवाई से इनकार

भारत के सुप्रीम कोर्ट ने स्टूडेंट्स इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया (SIMI) पर लगे प्रतिबंध को हटाने की मांग करने वाली याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया..

सुप्रीम कोर्ट ने SIMI पर प्रतिबंध को बरकरार रखा, याचिका पर सुनवाई से इनकार
15-07-2025 - 11:52 AM
22-04-2026 - 05:53 PM

नयी दिल्ली। भारत के सुप्रीम कोर्ट ने स्टूडेंट्स इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया (SIMI) पर लगे प्रतिबंध को हटाने की मांग करने वाली याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया है। इसके साथ ही संगठन पर लगा प्रतिबंध अगले पांच वर्षों तक यानी 2029 तक प्रभावी रहेगा।

यह याचिका SIMI के पूर्व सदस्य हुमाम अहमद सिद्दीकी द्वारा दायर की गई थी। इसमें उन्होंने गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत गठित ट्रिब्यूनल के उस फैसले को चुनौती दी थी, जिसमें केंद्र सरकार द्वारा SIMI पर लगाए गए प्रतिबंध को उचित ठहराया गया था।

SIMI की पृष्ठभूमि

SIMI की स्थापना 25 अप्रैल 1977 को अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में हुई थी। यह शुरुआत में एक छात्र और युवा केंद्रित आंदोलन था, जिसका वैचारिक संबंध जमात-ए-इस्लामी हिंद (JEIH) से था। हालांकि, 1993 में SIMI ने खुद को JEIH से अलग कर स्वतंत्र पहचान घोषित कर दी।

समय के साथ, SIMI पर कट्टरपंथी विचारधाराओं को बढ़ावा देने और आतंकी नेटवर्क से कथित संबंध रखने के आरोप लगने लगे।

बैन का ऐतिहासिक संदर्भ

11 सितंबर 2001 को अमेरिका में हुए आतंकी हमलों के बाद, भारत सरकार ने भी आंतरिक सुरक्षा कानूनों को सख्त किया और उन संगठनों पर बैन लगाना शुरू किया जो राष्ट्रीय अखंडता के लिए खतरा माने जाते थे। SIMI ऐसे ही संगठनों में से एक रहा है, जिसे वर्षों से निगरानी और प्रतिबंध का सामना करना पड़ रहा है।

सुप्रीम कोर्ट का रुख

अब सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि सरकार का SIMI को गैरकानूनी संगठन मानने का रुख बरकरार रहेगा। कोर्ट ने याचिका को सुनवाई योग्य नहीं  मानते हुए खारिज कर दिया, जिससे केंद्र सरकार द्वारा उठाए गए राष्ट्रीय सुरक्षा उपायों को कानूनी पुष्टि मिल गई है।

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