करूर मंदिर में सभी जातियों के प्रवेश को लेकर लगाया गया बोर्ड हटाया गया, इलाके में तनाव
। करूर जिले के चिन्नतारापुरम गांव में गुरुवार को उस समय तनाव फैल गया, जब कुछ जाति-हिंदू लोगों ने गांव के मरियम्मन मंदिर के सामने लगाया गया एक नोटिस बोर्ड हटा दिया। यह बोर्ड हिंदू धार्मिक और धर्मार्थ बंदोबस्ती (HR&CE) विभाग द्वारा अदालत के आदेश पर..
करूर (तमिलनाडु)। करूर जिले के चिन्नतारापुरम गांव में गुरुवार को उस समय तनाव फैल गया, जब कुछ जाति-हिंदू लोगों ने गांव के मरियम्मन मंदिर के सामने लगाया गया एक नोटिस बोर्ड हटा दिया। यह बोर्ड हिंदू धार्मिक और धर्मार्थ बंदोबस्ती (HR&CE) विभाग द्वारा अदालत के आदेश पर लगाया गया था।
इस बोर्ड में स्पष्ट रूप से लिखा था कि सभी जातियों के लोग मंदिर में पूजा कर सकते हैं और धार्मिक अनुष्ठानों में भाग ले सकते हैं। साथ ही, यह भी चेतावनी दी गई थी कि अगर कोई भक्तों को पूजा से रोकने की कोशिश करता है, तो उसके खिलाफ आपराधिक कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस के अनुसार, यह मंदिर 1973 से HR&CE विभाग के अधीन है। अनुसूचित जाति (SC) और अति पिछड़ा वर्ग (MBC) के लोग वर्षों से इस मंदिर में पूजा और अनुष्ठानों में भाग लेते रहे हैं। हालांकि, 2018 में कुछ मुद्दों को लेकर विवाद उत्पन्न हुआ, जिसके बाद दोनों पक्ष अदालत पहुंच गए।
मामला अभी अदालत में लंबित है। इसी क्रम में 15 जुलाई की सुनवाई में अदालत ने HR&CE अधिकारियों को निर्देश दिया कि मंदिर में फिर से पूजा की व्यवस्था की जाए और सभी जातियों को पूजा करने की अनुमति का बोर्ड लगाया जाए। इसके अनुपालन में विभाग ने मंदिर के सामने यह नोटिस बोर्ड लगाया था।
लेकिन गुरुवार को जैसे ही यह सूचना फैली, MBC समुदाय के कुछ लोग मंदिर के सामने एकत्र हो गए। मौके पर अरवकुरिची तहसीलदार महेंद्रन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रभाकरन, अरवकुरिची डीएसपी अब्दुल कपूर और स्थानीय पुलिस ने पहुंचकर लोगों को समझाने की कोशिश की। लेकिन इसके बावजूद, भीड़ ने बोर्ड हटा दिया।
इसके बाद चिन्नतारापुरम पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई गई है और मामला दर्ज किया गया है। स्थिति पर नजर रखी जा रही है और प्रशासन ने किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए अतिरिक्त सतर्कता बरती है।
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