प्राइवेट मेंबर्स बिजनेस हटाए जाने पर थरूर ने सरकार पर साधा निशाना
कांग्रेस नेता शशि थरूर ने लोकसभा की संशोधित कार्यसूची से प्राइवेट मेंबर्स बिजनेस (सदस्य प्रस्ताव) को हटाए जाने को लेकर केंद्र सरकार की आलोचना की और सवाल उठाया कि क्या संसद का अस्तित्व केवल सरकार के एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए है?
नयी दिल्ली। कांग्रेस नेता शशि थरूर ने लोकसभा की संशोधित कार्यसूची से प्राइवेट मेंबर्स बिजनेस (सदस्य प्रस्ताव) को हटाए जाने को लेकर केंद्र सरकार की आलोचना की और सवाल उठाया कि क्या संसद का अस्तित्व केवल सरकार के एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए है?
थरूर ने जोर देकर कहा कि जुलाई 2024 के बाद से लोकसभा में कोई प्राइवेट मेंबर्स बिजनेस नहीं हुआ है।
थरूर ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए लिखा, "मैं आज तीन महत्वपूर्ण राष्ट्रीय मुद्दों पर प्राइवेट मेंबर्स बिल पेश करने के लिए तैयार था। आमतौर पर संसद सत्र के दौरान हर दूसरे शुक्रवार को सांसदों को अपने निजी विधेयक पेश करने का मौका दिया जाता है। लेकिन एक बार फिर, जब यह शुक्रवार का दिन था, लोकसभा की संशोधित कार्यसूची से प्राइवेट मेंबर्स बिजनेस को हटा दिया गया।"
उन्होंने सवाल उठाया, "क्या संसद केवल सरकार के एजेंडे को ही आगे बढ़ाने के लिए है?"
पिछले वर्ष जुलाई में थरूर ने एक प्राइवेट मेंबर्स बिल पेश किया था, जिसमें लोकसभा में 35 वर्ष से कम आयु के युवाओं के लिए 10 सीटें आरक्षित करने का प्रस्ताव था। उन्होंने तर्क दिया था कि युवा सदस्य संसद में अल्पसंख्यक हैं, जिससे लोकतांत्रिक असंतुलन (डेमोक्रेटिक डेफिसिट) उत्पन्न हो रहा है।
थरूर ने शुक्रवार को एक और प्राइवेट मेंबर्स बिल भी पेश किया, जिसमें सरकारी संस्थानों, शैक्षणिक संस्थाओं समेत सभी श्रेणियों में ट्रांसजेंडर समुदाय के लिए 1 प्रतिशत आरक्षण का प्रस्ताव रखा गया।
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