सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका मिलने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति ने वैश्विक टैरिफ बढ़ाकर 15% किया

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर कहा कि शुक्रवार को अदालत के “असाधारण रूप से अमेरिका-विरोधी फैसले” की गहन समीक्षा के बाद प्रशासन आयात शुल्क को “पूरी तरह अनुमत और कानूनी रूप से परखे गए 15% स्तर” तक बढ़ा..

सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका मिलने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति ने वैश्विक टैरिफ बढ़ाकर 15% किया
22-02-2026 - 11:29 AM

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर कहा कि शुक्रवार को अदालत के “असाधारण रूप से अमेरिका-विरोधी फैसले” की गहन समीक्षा के बाद प्रशासन आयात शुल्क को “पूरी तरह अनुमत और कानूनी रूप से परखे गए 15% स्तर” तक बढ़ा रहा है। अदालत ने उनके टैरिफ कार्यक्रम पर लगाम लगाई थी।

शुक्रवार को व्हाइट हाउस ने कहा कि जिन अमेरिकी व्यापार साझेदारों ने ट्रंप प्रशासन के साथ अलग-अलग टैरिफ समझौते किए हैं, उन पर भी नया वैश्विक टैरिफ लागू होगा।

बहुमत में तीन रूढ़िवादी न्यायाधीश मुख्य न्यायाधीश जॉन रॉबर्ट्स, न्यायमूर्ति नील गोरसच और न्यायमूर्ति एमी कोनी बैरेट के साथ तीन उदारवादी न्यायाधीश न्यायमूर्ति एलेना कागन, सोनिया सोतोमयोर और केतांजी ब्राउन जैक्सन शामिल थे।

तीन अन्य रूढ़िवादी न्यायाधीशों क्लेरेंस थॉमस, सैमुअल एलिटो और ब्रेट कावानॉ ने असहमति जताई।

कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने टैरिफ पर अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद केंद्र सरकार से भारत–अमेरिका अंतरिम व्यापार ढांचे को तुरंत रोकने की मांग की।

पत्रकारों से बात करते हुए रमेश ने कहा, “हम मांग करते हैं कि सुप्रीम कोर्ट के टैरिफ संबंधी फैसले को देखते हुए मोदी सरकार तुरंत भारत–अमेरिका अंतरिम समझौते के ढांचे को स्थगित करे। संयुक्त बयान में दिए गए प्रावधान का उपयोग करें और कृषि आयात में उदारीकरण को खत्म करने के लिए समझौते का पुनः मोलभाव करें।”

अमेरिका की शीर्ष अदालत ने रिफंड (धनवापसी) के मुद्दे पर कोई निर्णय नहीं दिया। विश्लेषकों का कहना है कि आने वाले महीनों में निचली अदालतें इस पर फैसला करेंगी।

अमेरिकी कोर्ट ऑफ इंटरनेशनल ट्रेड द्वारा इस प्रक्रिया को संभाले जाने की संभावना है, ऐसा आईएनजी के विश्लेषक कार्स्टन ब्रेज़ेस्की और जूलियन गीब ने बताया।

उन्होंने कहा, “रिफंड अपने-आप नहीं मिलेगा; जो भी आयातक अपना पैसा वापस चाहता है, उसे व्यक्तिगत रूप से मुकदमा करना होगा।”
यह प्रक्रिया पहले ही शुरू हो चुकी है और अब तक 1,000 से अधिक कॉरपोरेट इकाइयाँ कानूनी लड़ाई में शामिल हैं।”

राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि उनके अनुरोध पर भारत ने रूसी तेल की खरीद से “काफी पीछे कदम खींच लिया” है और यह फैसला इस महीने की शुरुआत में वॉशिंगटन और नई दिल्ली द्वारा घोषित व्यापार समझौते को प्रभावित नहीं करेगा। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ अपने “बेहतरीन” संबंधों का भी ज़िक्र किया।

ट्रंप ने कहा, “कुछ भी नहीं बदलता। वे (भारत) टैरिफ देंगे और हम टैरिफ नहीं देंगे। भारत के साथ समझौता यही है कि वे टैरिफ देते हैं। यह पहले की व्यवस्था से उलट है। जैसा कि आप जानते हैं, भारत और मुझे लगता है कि प्रधानमंत्री मोदी एक महान सज्जन और महान व्यक्ति हैं, लेकिन अमेरिका के संदर्भ में वे जिनसे भी बात कर रहे थे उनसे कहीं ज़्यादा चतुर थे—वे हमें नुकसान पहुँचा रहे थे। इसलिए हमने भारत के साथ एक समझौता किया। अब यह एक निष्पक्ष समझौता है; हम उन्हें टैरिफ नहीं दे रहे हैं और वे हमें टैरिफ दे रहे हैं। हमने थोड़ा-सा उलटफेर किया है।”

शुक्रवार ट्रंप की लगातार चल रही टैरिफ गाथा के एक नए चरण का संकेत था और इसने आर्थिक पुनरुद्धार के उनके वादों को पूरा करने की क्षमता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

यह फैसला मध्यावधि चुनावों तक वैश्विक व्यापार में अनिश्चितता को बढ़ा सकता है, क्योंकि अभी भी यह स्पष्ट नहीं है कि ट्रंप का अगला कदम क्या होगा और क्या सुप्रीम कोर्ट द्वारा रद्द किए गए लगभग 175 अरब डॉलर के आयात कर की धनवापसी होगी या नहीं।

 केंद्रीय वाणिज्य मंत्रालय ने शनिवार को कहा कि भारतीय सरकार अमेरिकी टैरिफ से जुड़े घटनाक्रमों और उनके प्रभावों का अध्ययन कर रही है।

मंत्रालय ने बयान में कहा, “हमने कल (शुक्रवार) टैरिफ पर अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर ध्यान दिया है। इस संबंध में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया है।
अमेरिकी प्रशासन ने कुछ कदमों की घोषणा की है। हम इन सभी घटनाक्रमों और उनके निहितार्थों का अध्ययन कर रहे हैं।”

राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि वह एक दिन पहले घोषित 10% वैश्विक टैरिफ को अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के उस फैसले के जवाब में 15% तक बढ़ाएंगे, जिसमें टैरिफ लागू करने के उनके तंत्र को अवैध बताया गया था।

उन्होंने शनिवार को सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, “मैं, संयुक्त राज्य अमेरिका का राष्ट्रपति होने के नाते, तत्काल प्रभाव से उन देशों पर लागू 10% वैश्विक टैरिफ जिनमें से कई दशकों से अमेरिका को ‘लूटते’ रहे हैं (मेरे आने तक बिना किसी प्रतिशोध के!), को पूरी तरह अनुमत और कानूनी रूप से परखे गए 15% स्तर तक बढ़ा रहा हूँ।”

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।