आरबीआई की रेपो दर कटौती का असर: एसबीआई ने उधारकर्ताओं को दी बड़ी राहत, लोन की ब्याज दरें 50 बीपीएस तक घटाईं
भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) द्वारा रेपो रेट में 50 आधार अंक (bps) की कटौती के बाद, देश के सबसे बड़े बैंक भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने लोन और एफडी (FD) की दरों में बड़ी कटौती की है..
नयी दिल्ली। भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) द्वारा रेपो रेट में 50 आधार अंक (bps) की कटौती के बाद, देश के सबसे बड़े बैंक भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने लोन और एफडी (FD) की दरों में बड़ी कटौती की है। इससे नए और मौजूदा दोनों उधारकर्ताओं को राहत मिलेगी।
लोन की ब्याज दरों में कटौती
- RLLR (Repo Linked Lending Rate):
7.75% (पहले 8.25%) - EBLR (External Benchmark Based Lending Rate):
8.15% (पहले 8.65%) - लागू तिथि: 15 जून 2025 से
इससे होम लोन, ऑटो लोन और पर्सनल लोन सस्ते होंगे।
एफडी की ब्याज दरों में भी कटौती
3 करोड़ रुपये तक की जमा राशि पर विभिन्न परिपक्वता अवधियों में 25 बीपीएस की कटौती की गई है..
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अवधि |
पुरानी दर |
नई दर |
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1 से 2 वर्ष |
6.75% |
6.50% |
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2 से 3 वर्ष |
6.70% |
6.45% |
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3 से 5 वर्ष |
6.55% |
6.30% |
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5 से 10 वर्ष |
6.30% |
6.05% |
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विशेष योजना (444 दिन) |
6.85% |
6.60% |
- वरिष्ठ नागरिकों (Senior Citizens) को कार्ड रेट पर अतिरिक्त 0.50%,
- सुपर वरिष्ठ नागरिकों को 0.60% अतिरिक्त ब्याज मिलेगा।
पृष्ठभूमि: आरबीआई की रेपो रेट कटौती
- आरबीआई ने 6 जून 2025 को रेपो रेट को 5.5% किया (पहले 6%)
- यह पिछले 4 वर्षों में सबसे बड़ी कटौती है
- मकसद: FY25 में 6.5% पर आ गई आर्थिक वृद्धि को फिर से गति देना
प्रभाव और महत्व
- लोन लेने वालों को ईएमआई में राहत
- नई लोन की मांग में वृद्धि संभव
- फिक्स्ड डिपॉजिट धारकों के लिए रिटर्न घटे
- बैंक का संतुलन: ऋण वृद्धि को प्रोत्साहित करना, पर जमाकर्ताओं को भी आकर्षित बनाए रखना
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