पाकिस्तान के जनरल असीम मुनीर को अमेरिका की कड़ी चेतावनी: “समय समाप्त—अब प्रतिबंधों के लिए तैयार रहें”

3 दिसंबर 2025 को अमेरिकी कांग्रेस के 44 सदस्यों जिनका नेतृत्व भारतीय-अमेरिकी सांसद प्रमिला जयपाल और ग्रेग कासार कर रहे हैं, ने विदेश मंत्री मार्को रूबियो को एक कठोर पत्र भेजा। इसमें पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर और उनके दायरे में आने वाले अधिकारियों पर कथित सीमा-पार दमन और मानवाधिकार हनन के आरोपों को लेकर ग्लोबल मैग्नित्स्की प्रतिबंध लगाने की मांग की गई..

पाकिस्तान के जनरल असीम मुनीर को अमेरिका की कड़ी चेतावनी: “समय समाप्त—अब प्रतिबंधों के लिए तैयार रहें”
05-12-2025 - 10:21 AM
05-12-2025 - 11:31 AM

वॉशिंग्टन। 3 दिसंबर 2025 को अमेरिकी कांग्रेस के 44 सदस्यों जिनका नेतृत्व भारतीय-अमेरिकी सांसद प्रमिला जयपाल और ग्रेग कासार कर रहे हैं, ने विदेश मंत्री मार्को रूबियो को एक कठोर पत्र भेजा। इसमें पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर और उनके दायरे में आने वाले अधिकारियों पर कथित सीमा-पार दमन और मानवाधिकार हनन के आरोपों को लेकर ग्लोबल मैग्नित्स्की प्रतिबंध लगाने की मांग की गई है।

पत्र में आरोप लगाया गया कि मुनीर के नेतृत्व में अमेरिकी नागरिकों या अमेरिका में रहने वाले आलोचकों को निशाना बनाया गया जैसे..

  • पत्रकार अहमद नूरानी, जिनके भाईयों को सेना की आलोचना करने वाली रिपोर्टों के बाद अगवा कर प्रताड़ित किया गया।
  • संगीतकार सलमान अहमद, जिनके परिवार का अपहरण हुआ और केवल अमेरिकी हस्तक्षेप के बाद उन्हें छोड़ा गया।

पत्र में आगे नागरिकों को सैन्य अदालतों में चलाए जा रहे मुकदमे, विरोध प्रदर्शनों दमन, महिलाओं, अल्पसंख्यकों और बलूच कार्यकर्ताओं पर बढ़ती कार्रवाई का भी उल्लेख है।

कांग्रेस ने मांग की है..

  • जनरल असीम मुनीर और संबंधित अधिकारियों पर ग्लोबल मैग्नित्स्की प्रतिबंध,
  • वीजा बैन,
  • अमेरिका में संपत्ति जब्ती,
  • और इमरान खान सहित सभी राजनीतिक बंदियों की रिहाई

कांग्रेस सदस्यों ने रूबियो से 17 दिसंबर 2025 तक पाँच प्रश्नों के उत्तर भी मांगे हैं, जिनमें मुख्य हैं—

  • मुनीर के खिलाफ अब तक प्रतिबंध क्यों नहीं?
  • अमेरिकी नागरिकों को धमकियों पर सरकार ने क्या किया?
  • पाकिस्तान के नेताओं और राष्ट्रपति ट्रम्प की हालिया मुलाकातों को अमेरिका कैसे देख रहा है?

4 दिसंबर 2025 तक अमेरिका ने कोई प्रतिबंध लागू नहीं किया है।

पाकिस्तान के 2024 चुनावों पर गंभीर सवाल

पत्र में पाकिस्तान के 2024 के आम चुनावों का भी उल्लेख है, जिन्हें स्वतंत्र पर्यवेक्षकों ने “अनियमित और अपारदर्शी” बताया।

  • पीटीआई उम्मीदवारों को जेल भेजा गया या चुनाव प्रचार से रोका गया।
  • मतगणना के दौरान कई शहरों में इंटरनेट बंद किया गया।
  • मीडिया पर दबाव, सेंसरशिप और धमकियों की शिकायतें आईं।

कांग्रेस का कहना है कि नागरिक संस्थाओं पर सेना का प्रभाव तेजी से बढ़ा है।

मानवाधिकार चिंताएं: बलूच और अन्य अल्पसंख्यकों पर अत्याचार

पत्र में बलूच कार्यकर्ताओं का विशेष उल्लेख है। अमेरिकी थिंक टैंकों और एनजीओ द्वारा संकलित रिपोर्टों में..

  • गायब कर दिए जाने की घटनाएँ,
  • हिरासत में मौतें,
  • और सुरक्षा एजेंसियों द्वारा गंभीर अत्याचार

जैसे मामलों को “तंत्रगत पैटर्न” बताया गया है। कांग्रेस का तर्क है कि अब यह “कुछ मामलों” का नहीं बल्कि संस्थागत दमन का हिस्सा बन चुका है।

ग्लोबल मैग्नित्स्की प्रतिबंध क्या हैं और कैसे काम करते हैं?

ग्लोबल मैग्नित्स्की एक्ट (2016) अमेरिका का एक कानून है, जो गंभीर मानवाधिकार हनन जैसे हत्या, यातना, मनमानी हिरासत या बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार में शामिल विदेशी व्यक्तियों/संस्थाओं पर प्रतिबंध लगाने की अनुमति देता है।

इन प्रतिबंधों में शामिल हैं..

  • अमेरिका में मौजूद संपत्तियों की तुरंत जब्ती,
  • ऐसे व्यक्तियों पर वीजा प्रतिबंध,
  • अमेरिकी नागरिकों या कंपनियों द्वारा उनसे किसी प्रकार का लेन-देन प्रतिबंध

यूके, ईयू, कनाडा सहित कई देशों ने इसी तरह की व्यवस्था लागू की है, जिससे प्रतिबंधों का असर वैश्विक रूप से बढ़ जाता है।

ट्रम्प और असीम मुनीर की ‘नई नज़दीकियाँ’ और बदलते अमेरिका–पाकिस्तान संबंध

जून 2025 में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और जनरल असीम मुनीर की मुलाकात को अमेरिका-पाकिस्तान संबंधों में “नई गर्माहट” के संकेत के रूप में देखा गया है।

ट्रम्प ने..

  • मई 2025 में भारत-पाकिस्तान के बीच संघर्षविराम कराने का श्रेय स्वयं को दिया,
  • पाकिस्तान की खुले तौर पर प्रशंसा की,
  • और सुरक्षा तथा आर्थिक सहयोग बढ़ाने की इच्छा जताई।

इससे भारत-अमेरिका संबंधों में कड़वाहट आई है।

  • भारत ने ट्रम्प के “मध्यस्थता” दावे को खारिज किया।
  • भारत पर लगाए गए उच्च टैरिफ और पाकिस्तान से बढ़ती अमेरिकी नजदीकी ने भारत में अमेरिका पर संदेह गहरा किया है।
  • विश्लेषकों के अनुसार, इससे भारत को रूस और चीन जैसे देशों के साथ रणनीतिक तालमेल बढ़ाने की ओर भी धकेला जा रहा है।

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।