टीम इंडिया से बाहर होने के बाद मोहम्मद शमी का अजित अगरकर–गौतम गंभीर को सशक्त संदेश
भारतीय तेज़ गेंदबाज़ी हाल के समय में भारी आलोचना झेल रही है। जसप्रीत बुमराह के अलावा कोई भी तेज़ गेंदबाज़ तीनों प्रारूपों में निरंतर प्रदर्शन नहीं कर पा रहा है। अनुभव की कमी साफ दिख रही है और इसी कारण प्रशंसक लगातार मोहम्मद शमी को टीम में वापस लाने की मांग कर..
नयी दिल्ली। भारतीय तेज़ गेंदबाज़ी हाल के समय में भारी आलोचना झेल रही है। जसप्रीत बुमराह के अलावा कोई भी तेज़ गेंदबाज़ तीनों प्रारूपों में निरंतर प्रदर्शन नहीं कर पा रहा है। अनुभव की कमी साफ दिख रही है और इसी कारण प्रशंसक लगातार मोहम्मद शमी को टीम में वापस लाने की मांग कर रहे हैं।
शमी ने भारत के लिए आखिरी बार चैंपियंस ट्रॉफी 2025 में खेला था। इसके बाद चयनकर्ताओं ने उनकी फिटनेस पर सवाल उठाते हुए उन्हें सभी प्रारूपों से बाहर रखा है।
इसी बीच शमी ने एक धमाकेदार प्रदर्शन कर चयनकर्ताओं विशेषकर चीफ़ सेलेक्टर अजित अगरकर और मुख्य कोच गौतम गंभीर को करारा संदेश दिया है।
सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी 2025 में धमाका
अपने ताज़ा मैच में शमी ने बंगाल की ओर से खेलते हुए सर्विसेज़ के खिलाफ शानदार 4/13 झटके।
- उन्होंने सिर्फ 3.2 ओवर फेंककर
- गौरव कोचर, रवि चौहान, नकुल शर्मा और विशाल गौर के विकेट लिये।
उनकी इस घातक गेंदबाज़ी की बदौलत सर्विसेज़ 165 रन पर रोकी गई और बंगाल ने मैच 7 विकेट से जीत लिया। शमी को प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया।
सेलेक्टर्स पर शमी का पुराना प्रहार फिर चर्चा में
कुछ महीने पहले ही शमी ने फिटनेस को लेकर चयनकर्ताओं की टिप्पणी पर नाराज़गी जताई थी। उन्होंने कहा था, “सेलेक्शन मेरे हाथ में नहीं है। अगर फिटनेस की समस्या होती तो मैं यहाँ बंगाल के लिए नहीं खेल रहा होता। अगर मैं रणजी ट्रॉफी में चार-दिन का मैच खेल सकता हूँ तो 50 ओवर भी खेल सकता हूँ।”
उन्होंने आगे कहा, “अपडेट देना मेरा काम नहीं है। मेरा काम NCA जाना, तैयारी करना और मैच खेलना है। कौन किसे अपडेट देता है, यह उनका मामला है। मेरी ज़िम्मेदारी नहीं है।”
शमी के इस प्रदर्शन के बाद क्रिकेट जगत में यह चर्चा तेज़ हो गई है कि क्या अब चयनकर्ता उन्हें फिर टीम इंडिया में शामिल करने पर मजबूर होंगे।
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