‘सबसे भीषण त्रासदियों में से एक’: बार में लगी आग से 40 लोगों की मौत पर स्विस राष्ट्रपति का आदेश, 5 दिन तक आधे झुके रहेंगे झंडे

स्विट्ज़रलैंड के राष्ट्रपति गी पार्मेलिन ने क्रांस-मोंटाना के एक बार में लगी भीषण आग में 40 लोगों की मौत और 115 के घायल होने की घटना को देश की “सबसे भीषण त्रासदियों में से एक” बताया है। उन्होंने घोषणा की कि इस त्रासदी के शोक में पूरे देश में पांच दिनों तक राष्ट्रीय ध्वज आधे झुके..

‘सबसे भीषण त्रासदियों में से एक’: बार में लगी आग से 40 लोगों की मौत पर स्विस राष्ट्रपति का आदेश, 5 दिन तक आधे झुके रहेंगे झंडे
02-01-2026 - 08:16 AM

जिनेवा/क्रांस-मोंटाना। स्विट्ज़रलैंड के राष्ट्रपति गी पार्मेलिन ने क्रांस-मोंटाना के एक बार में लगी भीषण आग में 40 लोगों की मौत और 115 के घायल होने की घटना को देश की “सबसे भीषण त्रासदियों में से एक” बताया है। उन्होंने घोषणा की कि इस त्रासदी के शोक में पूरे देश में पांच दिनों तक राष्ट्रीय ध्वज आधे झुके रहेंगे।

यह आग गुरुवार तड़के आधी रात के कुछ ही बाद नए साल के जश्न के दौरान ले कॉन्स्टेलेशन (Le Constellation) नामक बार में लगी, जो अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों के बीच काफ़ी लोकप्रिय है। स्विस पुलिस के अनुसार, आग लगने के समय बार के भीतर करीब 100 लोग मौजूद थे।

घटना के बाद बयान देते हुए राष्ट्रपति पार्मेलिन ने कहा कि अधिकारी “घटना की सटीक परिस्थितियों” की जांच कर रहे हैं। बीबीसी के हवाले से उन्होंने कहा, “यह हम पीड़ितों, उनके परिवारों और स्विट्ज़रलैंड के सभी नागरिकों के प्रति अपना कर्तव्य निभाने के लिए कर रहे हैं।”
उन्होंने यह भी कहा कि “इतने बड़े पैमाने की त्रासदी” दोबारा नहीं होनी चाहिए।

जब एक पत्रकार ने पूछा कि क्या मरने वालों में नाबालिग भी शामिल हैं, तो राज्य परिषद के सदस्य स्तेफान गान्ज़र ने कहा कि वह पीड़ितों को नाबालिग नहीं बताएंगे। हालांकि उन्होंने जोड़ा, “नए साल की पूर्व संध्या पर आप कल्पना कर सकते हैं कि वहां मौजूद आबादी काफी युवा होती है। हम एक युवा, उत्सव मनाने वाली भीड़ की बात कर रहे हैं।”

राष्ट्रपति पार्मेलिन ने कहा कि पीड़ितों की पहचान जल्द से जल्द पूरी की जानी चाहिए, लेकिन उन्होंने इस प्रक्रिया को “बेहद कठिन काम” बताते हुए कहा कि “यह एक लंबी प्रक्रिया हो सकती है।”

उन्होंने आग के बाद सहायता की पेशकश करने वाले देशों का आभार भी जताया और विशेष रूप से पड़ोसी देशों—फ्रांस, जर्मनी और इटली—का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि विदेशी पीड़ितों के परिवारों से संपर्क स्थापित करने के लिए विदेश मंत्रालयों के माध्यम से संवाद किया जा रहा है।

इससे पहले, 1 जनवरी को पदभार संभालने वाले पार्मेलिन ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा,
कल रात क्रांस-मोंटाना में जो खुशी का पल था, वह एक त्रासदी में बदल गया, जिसकी गूंज पूरे देश और उससे बाहर तक महसूस की गई। संघीय परिषद ने इसे गहरे दुख के साथ संज्ञान में लिया है। हमारी संवेदनाएं मृतकों, घायलों और उनके परिवारों के साथ हैं और हम अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं।”

अधिकारियों ने इलाके को घेराबंदी में ले लिया है और आपातकालीन अभियानों के चलते नो-फ्लाई ज़ोन घोषित किया गया है। राहत और बचाव कार्य में करीब 10 हेलीकॉप्टर, 40 एंबुलेंस और 150 से अधिक आपातकर्मी तैनात किए गए हैं। अधिकारियों ने कहा कि आपात अभियान आने वाले दिनों तक जारी रहेंगे।

अधिकारियों ने आग को “एम्ब्राज़मां जेनेरालिज़े” (embrasement généralisé) बताया—यह अग्निशमन शब्दावली में अचानक और अत्यंत तीव्र आग भड़कने की स्थिति को दर्शाता है, जो ज्वलनशील गैसों के कारण होती है। अंग्रेज़ी में इसे फ्लैशओवर या बैकड्राफ्ट कहा जाता है।

वैले कैंटन की अभियोजक-महान्यायवादी बीट्रिस पिलूद ने कहा, “फिलहाल हम इसे आग की घटना मान रहे हैं और किसी भी समय किसी हमले का सवाल नहीं है।” उन्होंने परिवारों के सम्मान का हवाला देते हुए अधिक विवरण देने से इनकार किया। पुलिस ने भी पुष्टि की है कि इस घटना को आतंकवाद से जुड़ा नहीं माना जा रहा है।

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।