'राहुल गांधी पर आपत्तिजनक बयान' देने पर कांग्रेस ने दिग्विजय सिंह के भाई व पांच बार के सांसद लक्ष्मण सिंह को पार्टी से निकाला
कांग्रेस पार्टी ने बुधवार को मध्य प्रदेश के पूर्व विधायक और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के भाई लक्ष्मण सिंह को पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से छह वर्षों के लिए निष्कासित कर दिया..
नयी दिल्ली। कांग्रेस पार्टी ने बुधवार को मध्य प्रदेश के पूर्व विधायक और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के भाई लक्ष्मण सिंह को पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से छह वर्षों के लिए निष्कासित कर दिया। लक्ष्मण सिंह पांच बार लोकसभा सांसद रह चुके हैं।
कांग्रेस की ओर से जारी आधिकारिक बयान में कहा गया कि लक्ष्मण सिंह ने पार्टी नेता राहुल गांधी के खिलाफ बार-बार "अपमानजनक टिप्पणियाँ" की थीं, जो पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचाने वाली थीं। पार्टी पहले ही उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी कर चुकी थी, जिसमें पूछा गया था कि उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई क्यों न की जाए।
कांग्रेस की अनुशासन समिति के सदस्य सचिव तारिक अनवर ने कहा, "कांग्रेस अध्यक्ष ने लक्ष्मण सिंह, पूर्व विधायक, मध्य प्रदेश को पार्टी विरोधी गतिविधियों के चलते तत्काल प्रभाव से भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से छह वर्षों के लिए निष्कासित कर दिया है।"
हालाँकि, पार्टी की ओर से जारी बयान में यह स्पष्ट नहीं किया गया कि आखिर किस विशेष गतिविधि या बयान के आधार पर यह कार्रवाई की गई है।
मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) ने लक्ष्मण सिंह की कथित पार्टी विरोधी गतिविधियों को लेकर केंद्रीय नेतृत्व को रिपोर्ट भेजी थी। इसके बाद मामला AICC की अनुशासनात्मक कार्रवाई समिति को सौंपा गया।
लक्ष्मण सिंह का राजनीतिक सफर:
- वे पांच बार सांसद और तीन बार विधायक रह चुके हैं।
- 1990 में पहली बार विधायक बने और 1994 में राजगढ़ से पहली बार सांसद चुने गए।
- 2004 में उन्होंने कांग्रेस छोड़कर भाजपा जॉइन की और एक बार फिर लोकसभा पहुंचे।
- 2013 में वे फिर से कांग्रेस में लौट आए।
किस बयान पर हुआ विवाद?
25 अप्रैल को पहलगाम आतंकी हमले के बाद एक शोक सभा के दौरान लक्ष्मण सिंह ने कांग्रेस नेतृत्व पर तीखा हमला किया था। उन्होंने कहा था, "राहुल गांधी और रॉबर्ट वाड्रा भोले हैं। देश को इनकी नासमझी का खामियाजा भुगतना पड़ रहा है।"
इसके अलावा उन्होंने जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला पर भी निशाना साधते हुए कहा था कि वे "आतंकियों के साथ मिले हो सकते हैं"।
उन्होंने वाड्रा पर निशाना साधते हुए यह भी कहा, "रॉबर्ट वाड्रा का यह कहना कि नमाज़ के लिए रास्ता बंद करने पर हमला हुआ, न सिर्फ गैरजिम्मेदाराना है बल्कि देश की सुरक्षा के लिए खतरा है। मैं कैमरे के सामने ये कह रहा हूं ताकि कोई भ्रम न रहे। कांग्रेस को बोलने से पहले दस बार सोचना चाहिए, वरना जनता चुनाव में जवाब देगी।"
इन बयानों को लेकर 9 मई को कांग्रेस अनुशासन समिति ने उन्हें नोटिस जारी किया था और कहा था कि उन्होंने पार्टी की "छवि और गरिमा को गंभीर नुकसान" पहुंचाया है।
अब पार्टी ने कड़ा रुख अपनाते हुए लक्ष्मण सिंह को सीधे छह वर्षों के लिए निष्कासित कर दिया है।
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