लीबिया में ‘सुनामी जैसी बाढ़’ में बह गया एक चौथाई शहर, समंदर किनारे लाशों के बीच अपनों को ढूंढ़ रहे हैं लोग

<p><em><strong>विनाशकारी बाढ़ में लीबिया के डेरना शहर का लगभग एक चौथाई हिस्सा बह गया है। इसके साथ ही करीब 20 हजार लोगों की मौत इस आपदा के कारण हुई है।&nbsp;</strong></em></p>

लीबिया में ‘सुनामी जैसी बाढ़’ में बह गया एक चौथाई शहर, समंदर किनारे लाशों के बीच अपनों को ढूंढ़ रहे हैं लोग
16-09-2023 - 10:13 AM
21-04-2026 - 12:04 PM

लीबिया अपने इतिहास में सबसे भयावह बाढ़ का सामना कर रहा है। यहां डेनियल तूफान और बाढ़ ने भयंकर तबाही मचाई है। आलम यह है कि बाढ़ के कारण लीबिया के डेरना शहर का लगभग एक चौथाई हिस्सा बह गया है। इसके साथ ही करीब 20 हजार लोगों की मौत इस आपदा के कारण हुई है। 
स्काई न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, डेरना शहर की सड़कों पर लाशें बिखरी पड़ी हैं। मुर्दाघरों में जगह कम पड़ गई है। हाल यह हो गया है कि मारे गए लोगों के शवों को सामूहिक कब्रों में दफनाया जा रहा है। इस विनाशकारी बाढ़ में बचे हुए लोगों ने बातचीत के दौरान अपनी आपबीती सुनाई, जिसमें उन्होंने कहा कि तूफान डैनियल के दौरान रविवार को डेरना में सुनामी जैसी बाढ़ आई और इससे पहले की लोग अपने बचाव में कुछ कर पाते, उन्हें समंदर की तरफ बहा ले गई। 
लाशों के बीच अपनों को ढूढ़ रहे लोग 
रिपोर्ट के अनुसार, हजारों लोग अभी भी लापता हैं और समंदर लगातार लाशें किनारे पर छोड़ रहा है। ऐसे में लोग अपने प्रियजनों को ढूढ़ने की कोशिश में लगे हुए हैं। वे अपने नंगे हाथों से डेड बॉडी को उलट पलट पर पहचाने की कोशिश कर रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार, डेरना शहर को जानमाल का भारी नुकसान बांध टूट जाने के कारण हुआ है।
हवा में लाशों की तेज गंध
रिपोर्ट के अनुसार, विनाशकारी बाढ़ के बाद जो बांध टूटे हैं उसे लोग ‘मौत का बांध’ नाम दे रहे हैं। एक स्थानीय व्यक्ति ने कहा कि बाढ़ ने उनके जीवन को पूरी तरह से बदल दिया है। यह प्राकृतिक आपदा नहीं है, यह एक तबाही है। रिपोर्ट के अनुसार, हवा में लाशों की तेज गंध महसूस की जा रही है। इसके साथ ही तबाही की जो तस्वीरें सामने आ रही हैं उसमें मलबे के पहाड़, जर्जर हो चुकी कारें और सड़कों पर कतारों में रखे गए शव देखे जा सकते हैं। इसके साथ ही माना जा रहा है कि अनगिनत शव मिट्टी के नीचे दफन हैं। 
अभी और बढ़ सकती है मरने वालों की संख्या 
स्थानीय लोगों ने न्यूज चैनल से बातचीत में बताया कि ‘जब हम मलबे, पत्थरों और चट्टानों के पहाड़ों से गुजर रहे हैं तो हमें खुद को याद दिलाना पड़ रहा है कि ये कभी लोगों के घर थे, यहां कभी दुकानों और मॉल से भरी सड़क थी। यहां तक कि सड़क भी अस्तित्वहीन हो गई हैं। रिपोर्ट के अनुसार, शहर में दस हजार से अधिक लोग अभी लापता बताये गए हैं। ऐसे में मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका है।

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।