गहलोत के गढ़ में भाजपा की सेंध ! पीएम मोदी की जोधपुर रैली साधारण नहीं, एक साथ साधी 33 सीटें
<p><em><strong>राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के लिए जोधपुर में जीत प्रतिष्ठा का सवाल है। वहीं, भारतीय जनता पार्टी जोधपुर जिले और संभाग में ताकत बढ़ाकर गहलोत और कांग्रेस का मनोबल तोड़ना चाहती है।</strong></em></p>
जोधपुर डिविजन परंपरागत रूप से कांग्रेस का गढ़ रहा है। पीएम नरेंद्र मोदी की जोधपुर रैली से इस इलाके की 33 विधानसभा सीटों पर भाजपा को लाभ हो सकता है। 2018 के विधानसभा चुनाव में 33 में से 16 सीटों पर कांग्रेस ने कब्जा जमाया था, वहीं बीजेपी के हिस्से में 14 सीटें आई थीं। आरएलपी ने 1 और निर्दलीय ने 2 सीटें जीती थीं।
राजस्थान विधानसभा चुनाव से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार राज्य के दौरे पर आ रहे हैं। इसी क्रम में पीएम मोदी ने गुरुवार को जोधपुर में रैली की है। जोधपुर राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का गृह क्षेत्र, गृह विधानसभा और गृह जिला है। जोधपुर से केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने लोकसभा चुनाव में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बेटे वैभव गहलोत को हराया था। ऐसे में पीएम मोदी की जोधपुर रैली भाजपा के लिए रणनीतिक दृष्टि से अहम रही है। बीजेपी राजस्थान में सत्ता में वापसी के लिए जोधपुर में ही कांग्रेस को पछाड़ने की कोशिश करेगी।
राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के लिए जोधपुर में जीत प्रतिष्ठा का सवाल है। वहीं, भारतीय जनता पार्टी जोधपुर जिले और संभाग में ताकत बढ़ाकर गहलोत और कांग्रेस का मनोबल तोड़ना चाहती है। यहां गौरतलब है कि जोधपुर डिविजन में आरएलपी के हनुमान बेनिवाल भी थर्ड फैक्टर हैं। ऐसे में आगामी विधानसभा चुनाव में इस इलाके की सीटों पर होने वाला घमासान काफी रोचक होने की संभावना है।
33 सीटों पर कड़ी टक्कर की उम्मीद
जोधपुर डिविजन में विधानसभा की कुल 33 सीटें आती हैं। अगर पिछले चुनाव के आंकड़ों पर गौर करें, तो भाजपा और कांग्रेस के बीच यहां कांटे का मुकाबला देखने को मिला था। साल 2018 के विधानसभा चुनाव में 33 में से 16 सीटों पर कांग्रेस ने कब्जा जमाया था, वहीं बीजेपी के हिस्से में 14 सीटें आई थीं। आरएलपी ने 1 और निर्दलीय ने 2 सीटें जीती थीं।
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