भाजपा की बनाई योजना पर आगे बढ़े सीएम अशोक गहलोत... पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना के लिए वित्तीय प्रस्ताव को दी मंजूरी
<p><em><strong>पष्चिमी राजस्थान को रिफाइनरी की सौगात देने के बाद पूर्वी राजस्थान की पेयजय समस्या को दूर करने के लिए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना को धरातल पर उतारने के लिए कमर कस ली है। </strong></em></p>
राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अपने दूसरे ड्रीम प्रोजेक्ट पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना (ईआरसीपी) के निर्माण के लिए शनिवार को 14,200 करोड़ रुपये के वित्तीय प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। यह परियोजना पूर्वी राजस्थान के 13 जिलों में सिंचाई और पेयजल की समस्या के समाधान के लिए पूर्ववर्ती भाजपा सरकार द्वारा लाई गई थी।
अधिकारियों ने बताया कि मंजूरी मिलने से नवनेरा-बेलवा-बिसालपुर-इसरादा लिंक परियोजना, नवनेरा बैराज व इसरदा बांध, रामगढ़ व महलपुर बैराज का निर्माण पूरा किया जाएगा। उन्होंने बताया कि बिसालपुर बांध की ऊंचाई बढ़ाने और 202 किलोमीटर लंबे जल परिवहन तंत्र को विकसित करने का काम पूरा किया जाएगा। ईआरसीपी के तहत 2040 तक जल प्रबंधन कार्य, जयपुर, अजमेर एवं टोंक जिलों की अतिरिक्त पेयजल आवश्यकता को पूरा किया जाएगा और जयपुर जिले के शेष ग्रामीण क्षेत्रों के लिए 16.82 टीएमसी पेयजल की आपूर्ति की जायेगी।
ईआरसीपी के तहत, राज्य की नदियों में उपलब्ध अतिरिक्त पानी को बांधों के माध्यम से रोका जाएगा। गहलोत ने राज्य के 2023-24 के बजट में इस परियोजना के तहत विभिन्न कार्यों के लिए 13,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया था।
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