सागर में दो सिकंदर...पहली बार आईएनएस विक्रमादित्य-विक्रांत एक साथ
<p><em><strong>इंडियन नेवी के कमांडर विवेक मधवाल ने बताया- इंडियन नेवी ने यह एक्सरसाइज अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा करने, क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने और समुद्री सीमा की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए की है।</strong></em></p>
हिंद महासागर में चीन के बढ़ते दखल का मुकाबला करने के लिए इंडियन नेवी ने शनिवार को अरब सागर में सबसे बड़ी एक्सरसाइज की। नेवी ने पहली बार अपने दोनों एयरक्राफ्ट कैरियर आईएनएस विक्रमादित्य और आईएनएस विक्रांत को एक साथ समुद्र में उतारा। इन एयरक्राफ्ट से 35 लड़ाकू विमान भी उड़ाए गए। साथ ही, समुद्र के अंदर अपनी शक्ति दिखाने के लिए इंडियन नेवी ने सबमरीन की भी टेस्टिंग की।
एक्सरसाइज में फाइटर जेट, हेलिकॉप्टर, सबमरीन शामिल
भारतीय नौसेना की पिछले कुछ सालों में अब तक की यह सबसे बड़ी एक्सरसाइज है। मिग के अलावा भारतीय सेना के हेलिकॉप्टर पीएल 60आई, कामोव, सी-किंग, चेतक और धु्रव ने भी उड़ान भरी। इसके अलावा रात में भी एयरक्राफ्ट कैरियर से लड़ाकू विमानों ने टेक ऑफ किया।
25 साल बाद नौसेना में लौटा विक्रांत
31 जनवरी, 1997 को नेवी से रिटायर हुए आईएनएस विक्रांत को 25 साल बाद फिर नौसेना में शामिल किया गया था। पीएम नरेंद्र मोदी ने 2 सितंबर, 2022 को देश में बने इस सबसे बड़े युद्धपोत को नौसेना के हवाले किया था। साल 1971 की जंग में आईएनएस विक्रांत ने अपने सी-हॉक लड़ाकू विमानों से बांग्लादेश के चिटगांव, कॉक्स बाजार और खुलना में दुश्मन के ठिकानों को तबाह कर दिया था।
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