राजस्थान: मंत्रियों के नामों के ऐलान से लेकर शपथ ग्रहण तक, सब कुछ होगा सुपरफास्ट
<p>मुख्यमंत्री को शपथ लिए 12 दिन, जबकि भाजपा के पक्ष में नतीजे आए 24 दिन का समय बीत गया है, लेकिन सरकार के पहले मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर सस्पेंस अब भी बरकरार है।</p>
राजस्थान में नई भजनलाल सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार का बेसब्री से इंतजार हो रहा है। नए मंत्रियों के नामों के ऐलान का काउंटडाउन कब खत्म होगा, यही विषय चर्चा में बना हुआ है। मंत्रिमंडल विस्तार पर सस्पेंस के बीच अब नए मंत्रियों के शपथ ग्रहण को लेकर नई संभावित तारीख सामने आई है। बताया जा रहा है कि नए मंत्री गुरुवार 28 दिसंबर को राजभवन में पद और गोपनीयता की शपथ लेंगे।
इधर घोषणा, उधर शपथ
सूत्रों के अनुसार मंत्रिमंडल विस्तार की घोषणा से लेकर नए मंत्रियों के शपथ ग्रहण तक सब कुछ फटाफट होगा। बताया जा रहा है कि मंत्रियों के नामों की घोषणा के कुछ ही घंटों के बाद उन्हें राजभवन में शपथ दिलवा दी जायेगी।
राजभवन में तैयारी पूरी
मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर भले ही इंतजार लंबा हो चला है, लेकिन मंत्रियों को शपथ दिलाने के लिए राजभवन पूरी तरह से तैयार है। शपथ ग्रहण समारोह स्थल पर रेड कार्पेट से लेकर बैठक व्यवस्था तक की तैयारी होना बताया जा रहा है। ऐसे में इन्तजार सिर्फ और सिर्फ ‘सरकार’ की ओर से घोषणा होने का है।
हर दिन बढ़ रहा है इंतजार
भजनलाल शर्मा के 15 दिसंबर को मुख्यमंत्री पद पर शपथ ग्रहण के बाद से ही मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर अटकलों और चर्चाओं का सिलसिला शुरू हो गया था। मंत्रियों के नामों के ऐलान से लेकर शपथ ग्रहण समारोह तक की हर दिन नई संभावित तारीख आती रही, लेकिन हर तारीख यूं ही जाती भी रही।
दिखेगा एमपी-छत्तीसगढ़ फार्मूला!
सूत्रों की मानें तो एमपी और छत्तीसगढ़ की तरह ही राजस्थान में भी नए चेहरों को मंत्रिमंडल में तवज्जो मिलेगी। छत्तीसगढ़ में सीएम सहित कुल 12 मंत्री बनाए गए हैं। इनमें 8 पहली बार मंत्री बने हैं। इनमें पांच पहली बार एमएलए बनकर मंत्री बने हैं। इसी तरह एमपी में सीएम सहित 31 मंत्री शपथ ले चुके हैं। इनमें पहली बार के सात विधायकों को मंत्री बनाया गया है। हालांकि दोनों ही जगहों पर कुछ वरिष्ठों को भी मंत्रिमंडल में शामिल किया गया है, लेकिन ज्यादातर की छुट्टी हो गई है।
राजस्थान में सांसदों को भी मौका
पार्टी सूत्रों की मानें तो सांसद से विधायक बने नेताओं को भी मंत्री बनाया जा सकता है। सांसद से विधायक बनी दिया कुमारी को पार्टी ने उप मुख्यमंत्री बनाया है। इनके अलावा किरोड़ी लाल मीणा, राज्यवर्धन सिंह राठौड़ और बाबा बालकनाथ भी सांसद से विधायक बने हैं। इन्हें मंत्री बनाने की पूरी संभावना है।
पहली बार विधायक बने नेताओं को मौका
पार्टी ने इस बार पहली बार विधायक बने भजन लाल शर्मा को मुख्यमंत्री बनाया है। ऐसे में पहली बार विधायक बने अन्य नेताओं को भी मंत्री पद मिलने की उम्मीद जगी है। अब तक मंत्रिमंडल में वरिष्ठ विधायकों को ही मंत्री पद मिलता गया है, लेकिन पार्टी ने दूसरी लाइन के नेताओं को अग्रिम पंक्ति में खड़ा करके सभी को चैंकाया है।
महिलाओं को भी पूरा मौका
केंद्र की मोदी सरकार ने महिलाओं को विधानसभाओं और लोकसभा में 33 प्रतिशत आरक्षण का कानून पास किया है। ऐसे में महिला विधायकों को भी मंत्रिमंडल में जगह मिलने की पूरी उम्मीद है। दिया कुमारी को उप मुख्यमंत्री बनाकर पार्टी ने अपने इरादे जता दिए हैं। अब अनिता भदेल, मंजू बाघमार, सिद्धि कुमारी जैसी वरिष्ठ विधायकों के साथ नौक्षम चैधरी, कल्पना देवी, दीप्ति किरन माहेश्वरी इस मंत्री बनने की दौड़ में शामिल हैं।
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