Chhath Puja 2022 : इस बार ये रहेगा व्रत, पूजन का दिन और समय
<p><em><strong>Chhath Puja 2022 : </strong></em></p> <p><em><strong>छठ पूजा पर इस बार कब कौनसा मुहूर्त उचित रहेगा। </strong></em></p>
Chhath Puja 2022 :
छठ को बिहार का महापर्व माना जाता है। यह पर्व बिहार के साथ देश के अन्य राज्यों में भी बड़ी धूम-धाम के साथ मनाया जाता है। बिहार के मुंगेर में छठ पर्व का विशेष महत्व है। Chhath Puja पर इस बार कब कौनसा मुहूर्त उचित रहेगा।
प्रमुख तिथियां एवं मुहूर्त
- सूर्य षष्टी व्रत आरंभ 28 अक्टूबर शुक्रवार नहाय खाय।
- सूर्य षष्टी व्रत द्वितीय दिन (खरना) 29 अक्टूबर शनिवार।
- मुख्य व्रत 30 अक्टूबर दिन रविवार को। सूर्यास्त का समय 0534 बजे। इस दिन अस्ताचलगामी सूर्य देव को सायंकालीन अघ्र्य का समय शाम 529 से 539 बजे तक।
- 31 अक्टूबर को सूर्योदय 629 बजे। अत प्रात कालीन अर्घ्य सुबह 0627 से 0634 बजे एवं पारण प्रसाद ग्रहण करके।
कैसे हुई Chhath Puja की शुरुआत, जानें कहानी
धार्मिक मान्यता के अनुसार माता सीता ने सर्वप्रथम पहला छठ पूजन बिहार के मुंगेर में गंगा तट पर संपन्न किया था, जिसके बाद महापर्व की शुरुआत हुई। छठ को बिहार का महापर्व माना जाता है। Chhath Puja बिहार के साथ देश के अन्य राज्यों में भी बड़ी धूम-धाम के साथ मनाया जाता है।
मुंगेर में है Chhath Puja का खास महत्व
बिहार के मुंगेर में छठ पर्व का विशेष महत्व है। छठ पर्व से जुड़ी कई अनुश्रुतियां हैं लेकिन धार्मिक मान्यता के अनुसार, माता सीता ने सर्वप्रथम पहला Chhath Puja बिहार के मुंगेर में गंगा तट पर संपन्न किया था। इसके बाद से महापर्व की शुरुआत हुई। इसके प्रमाण-स्वरूप आज भी माता सीता के चरण चिह्न मौजूद हैं।
वाल्मीकि रामायण कहती है...
वाल्मीकी रामायण के अनुसार, ऐतिहासिक नगरी मुंगेर के सीता चरण में कभी मां सीता ने छह दिनों तक रह कर Chhath Puja की थी। श्रीराम जब 14 वर्ष वनवास के बाद अयोध्या लौटे थे तो रावण वध के पाप से मुक्त होने के लिए ऋषि-मुनियों के आदेश पर राजसूय यज्ञ करने का फैसला लिया। इसके लिए मुग्दल ऋषि को आमंत्रण दिया गया था लेकिन मुग्दल ऋषि ने भगवान राम एवं सीता को अपने ही आश्रम में आने का आदेश दिया।
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