राजस्थान में ट्रक-बसों का चक्का जाम: अलवर-भीलवाड़ा में रोडवेज बसों का संचालन बंद
<p><em>नए हिट एंड रन कानून के विरोध में सोमवार को राजस्थान में विरोध शुरू हो गया। प्रदेश में ट्रक और ट्रेलर एसोसिएशन के साथ प्राइवेट बस ऑपरेटर्स भी हड़ताल पर उतर आए है। वहीं, एहतियात के तौर पर रोडवेज बसों का संचालन बंद रहा।</em></p>
अलवर, अजमेर, जयपुर, भीलवाड़ा समेत अलग-अलग जिलों में इस कानून को लेकर विरोध किया गया और चक्का जाम किया। चक्का जाम के चलते जयपुर की मुहाना मंडी में भी कारोबार बंद रहा। व्यापारियों ने बताया कि अलग-अलग राज्यों से आने वाली सब्जियां और फ्रूट मंडी तक नहीं पहुंच पाए। अजमेर और जालोर में भी ट्रक ऑपरेटर्स की ओर से भी कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया गया और कानून में संशोधन की मांग की गई।
अलवर में 100 से ज्यादा बसों का संचालन बंद
इस कानून के विरोध में लोक परिवहन और ट्रक ड्राइवर हड़ताल पर उतर आए हैं। चंदवाजी और दौसा में ड्राइवरों की ओर से हाईवे को जाम किया गया। हड़ताल को देखते हुए अलवर और मत्स्य नगर डिपो से रोडवेज बसों का संचालन बंद कर दिया गया। सोमवार को 100 से ज्यादा रोडवेज बसों का संचालन नहीं हो पाया।
भीलवाड़ा में रोडवेज बसों को रोका गया
भीलवाड़ा में भी इसका असर देखने को मिला। यहां आंदोलनकारियों ने रोडवेज और लोक परिवहन की बसों को रोका। इससे पूर्व ड्राइवर रोडवेज बस स्टैंड पर पहुंचे और विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान भीलवाड़ा डिपो से कोटा, अजमेर, बांसवाड़ा, जयपुर, बीकानेर, भरतपुर जाने वाली बसों को रोक दिया गया। अधिकारियों के अनुसार इस हड़ताल से 90 से ज्यादा रोडवेज बसें प्रभावित हुईं।
मुहाना मंडी में फ्रूट और सब्जियों की सप्लाई बंद
हड़ताल का असर मुहाना मंडी में भी देखने को मिला। सब्जी और फ्रूट मंडी तक सामान तक नहीं पहुंच पाया। हाईवे के बीच ट्रकों को खड़ा कर दिया गया है। फल विक्रेता संघ मुहाना मंडी जयपुर के मंत्री कैलाश फाटक ने बताया कि सोमवार को मंडी में व्यापार 50 प्रतिशत तक प्रभावित रहा है। ट्रांसपोर्ट हड़ताल के कारण मंडी से खरीदार बिना कुछ लिए ही लौट गए। उन्होंने बताया कि यदि ऐसा ही रहा तो आने वाले दिनों में इसका असर देखने को मिलेगा और सप्लाई प्रभावित होगी।
अजमेर और जालोर में किया प्रदर्शन, हड़ताल की चेतावनी
ट्रक और ट्रेलर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन ने सोमवार को अजमेर कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। संगठन से जुड़े कर्मचारियों ने प्रदर्शन कर जिला कलेक्टर को प्रधानमंत्री, गृहमंत्री और परिवहन मंत्री के नाम ज्ञापन दिया। ज्ञापन के जरिए नए कानून में संशोधन करने की मांग की है।
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