बीजेपी के संपर्क में जयंत चौधरी, इंडि अलायंस को बड़ा झटका
<p>आरएलडी प्रमुख जयंत चौधरी लोकसभा चुनाव से पहले अपना स्टैंड बदल सकते हैं। इंडिया गठबंधन को बड़ा झटका लगने वाला है। सूत्रों के मुताबिक, आरएलडी प्रमुख जयंत चौधरी बीजेपी के संपर्क में हैं। हालांकि, बीजेपी ने जयंत चौधरी के सामने कठिन शर्त रखी है।</p>
इंडिया गठबंधन को बड़ा झटका लग सकता है क्योंकि आरएलडी प्रमुख जयंत चौधरी बीजेपी के संपर्क में हैं। बागपत के छपरौली में होने वाली सभा भी आरएलडी की ओर से कैंसिल कर दी गई है। सूत्रों के मुताबिक, बीजेपी ने जयंत चौधरी के सामने कठिन शर्त रखी है।
वरिष्ठ केंद्रीय मंत्री के साथ जयंत चौधरी की सोमवार देर रात मीटिंग हुई। बीजेपी की तरफ से आरएलडी के विलय की शर्त रखी गई है। वहीं जयंत चौधरी ने 7 सीटों की मांग की है। हालांकि, अभी फॉर्मूला फाइनल नहीं हुआ है। जल्दी ही अगली मीटिंग होगी जिसमें विलय या गठबंधन पर फाइनल बातचीत होगी।
इसी बीच, जयंत चौधरी ने अपना एक बड़ा कार्यक्रम भी रद्द कर दिए हैं। 12 फरवरी को पिता अजीत चौधरी की जयंती पर छपरौली में होनी थी, जहां उनकी 12 क्विंटल वजनी आदमकद प्रतिमा का लोकार्पण होना था। इस कार्यक्रम में सपा प्रमुख अखिलेश यादव को बुलाना पड़ता। इससे बचने की कोशिश में जयंत ने कार्यक्रम ही टाल दिया है।
पिछले माह समाजवादी पार्टी और आरएलडी के बीच गठबंधन था। समझौते के मुताबिक, सपा ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 7 लोकसभा सीटें आरएलडी को देने का वादा किया था। हालांकि सीटों की घोषणा आधिकारिक तौर पर नहीं की थी। माना जा रहा था कि ये सीटें बागपत, मथुरा, मुजफ्फरनगर, बिजनौर, मेरठ, अमरोहा और कैराना थीं। इतन ही नहीं, अखिलेश यादव ने अपने ट्वीट में कहा था ‘राष्ट्रीय लोक दल और सपा के गठबंधन की सभी को बधाई। जीत के लिए सभी एकजुट हो जाएं, जुट जाएं।’ सूत्रों के मुताबिक, सपा-आरएलडी गठबंधन टूट सकता है।
अखिलेश यादव को लगेगा बहुत बड़ा झटका!
अगर जयंत चौधरी, बीजेपी के साथ गठबंधन करते हैं तो इंडिया गठबंधन के साथ-साथ अखिलेश यादव को बहुत बड़ा झटका लगेगा। आरएलडी और सपा ने पिछले कई चुनाव साथ लड़े हैं। इतना ही नहीं, जयंत चौधरी को सपा ने ही राज्यसभा भेजा था। सूत्रों के मुताबिक, बीजेपी ने आरएलडी को चार लोकसभा सीटें बागपत, कैराना, मथुरा और अमरोहा ऑफर की हैं।
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