मिराज और सुखोई हवा में टकराए, एक पायलट शहीद, वायुसेना ने दिया हादसे की वजह पता लगाने का आदेश
<p><em><strong>मध्यप्रदेश के मुरैना के पास हवा में दोनों विमानों की टक्कर हो गई, उनमें आग लग गई। वायुसेना ने हादसे के कारणों का पता लगाने का आदेश दे दिया है।</strong></em></p>
भरतपुर में शनिवार, 28 जनवरी को विमान दुर्घटना को लेकर असमंजस की स्थिति रही। शुरुआती जानकारी के अनुसार न्यूजठिकाना ने समाचार दिये थे कि यह विमान आगरा से उड़ा था और भरतपुर में क्रेश हुआ। लेकिन, अब इस मामले पर भारतीय वायुसेना का कहना है कि उसके दो लड़ाकू विमान सुखोई 30 और मिराज 2000 ने ग्वालियर एयरबेस से सुबह 9 बजे उड़ान भरी थी। उड़ान भरने के करीब 55 मिनट बाद दोनों विमान निकट ही मुरैना के पास आपस में टकरा गये। टकराने के बाद दोनों ही विमान आग के गोलों में तब्दील हो गये। बताया यह गया है कि मिराज के चार टुकड़े हो गये और पहाड़गढ़ के जंगलों में मिरे। सुखोई विमान करीब 100 किलोमीटर दूर भरतपुर के उच्चैन थाना इलाके के पिंगौरा में क्रेश हुआ। दुर्घटना के कारणों का पता लगाने के लिए जांच के आदेश दे दिए गए हैं।
भारतीय वायुसेना के मुताबिक दरअसल, मुरैना के पास पहाड़गढ़ विकासखंड में जंगल के ऊपर हवा में दोनों विमान टकरा गए थे और उनमें आग लग गई। राहत व बचाव का काम जारी है। सुखोई विमान के दोनों पायलट स्क्लाड्रन लीडर विजय पाटिल और मिथान पीएम पैराशूट की मदद से विमान से बाहर कूद गये और सुरक्षित हैं। लेकिन, मिराज के पायलट हनुमान सारथी की इस हादसे में मौत हो गई है। भरतपुर जिला पुलिस अधीक्षक श्याम सिंह ने बताया कि विमान का मलबा आसमान से गिरता देखा गया। इस हादसे में किसी अन्य के हताहत होने की सूचना नहीं है। हालांकि ग्रामीणों ने बताया है कि विमान हादसे के कुछ टुकड़े एक महिला के पास गिरे जिससे उसके पैर में फ्रैक्चर हो गया है।
मामले में वायुसेना का कहना है कि कोर्ट ऑफ इंक्वायरी से साफ हो पाएगा कि दुर्घटना कैसे हुई। हालांकि, ये अब लगभग साफ हो गया है कि मुरैना के आसमान में ही दोनों लड़ाकू विमान आपस में टकराए यानी मिड-एयर कोलिजन का शिकार हुए। ग्वालियर बेस से इन विमानों को प्रशिक्षण के लिए उड़ाया गया था। दोनों ही विमान रुटीन उड़ान पर थे। फिलहाल एक्सपर्ट्स की तरफ से कहा जा रहा है कि तकनीकी खामी और पायलटों में अनुभव की कमी के कारण यह हादसा हुआ है।
वहां मौजूद लोगों के मुताबिक आसमान में आग लगते हुए तेज स्पीड से दोनों विमान जमीन की ओर आते देखे गए। एक्सपर्ट्स के मुताबिक अभ्यास के बाद प्लेन अपनी पूरी स्पीड में होते हैं। ऐसे में संभावना होती है कि विंग्स के टकराने से भी बड़ा हादसा हो सकता है क्योंकि स्पीड पर काबू करना मुश्किल हो जाता है।
हादसे के बाद से ही रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह लगातार मामले की सभी जानकारी मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से ले रहे हैं. सीएम शिवराज ने भी ट्वीट कर हर संभव मदद की बात कही है। विशेषज्ञों का कहना है कि सुखोई ने मिराज को टक्कर मारी हो सकती है। फिर सुखोई के पायलट्स ने अपने विमान को बचाने की कोशिश की होगी। बचा नहीं पाने पर इजेक्ट कर लिया होगा, जिससे सुखोई भरतपुर तक पहुंच गया।
राजस्थान में भरतपुर के डीएसपी अजय शर्मा ने बताया कि उन्हें सुबह 10 से सवा 10 बजे के करीब प्लेन क्रैश होने की सूचना मिली थी। मौके पर आने पर पता चला कि यह एयरफोर्स का फाइटर जेट है। दोनों विमानों को एयरफोर्स की ताकत कहा जाता है। ऐसे में दोनों के एक साथ क्रैश होने से हर कोई हैरान है।
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