राष्ट्रीय बालिका दिवस 2024 : जानें इंदिरा गाँधी का क्या कनेक्शन है आज के दिन से
<p>भारत में राष्ट्रीय बालिका दिवस मनाने की शुरुआत साल 2008 में महिला कल्याण एवं बाल विकास मंत्रालय की ओर से की गई थी क्योंकि भारत के इतिहास में पहली बार ऐसा हो रहा था कि एक महिला देश की प्रधानमंत्री बन गई थी, जो महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक क्रांतिकारी बदलाव था।</p>
प्रधानमंत्री ने दी शुभकामनाएं
पीएम मोदी ने राष्ट्रीय बालिका दिवस पर सबको शुभकामनाएं देते हुए X पर लिखा ," राष्ट्रीय बालिका दिवस पर, हम बालिकाओं की अदम्य भावना और उपलब्धियों को सलाम करते हैं। हम सभी क्षेत्रों में प्रत्येक बालिका की समृद्ध क्षमता को भी पहचानते हैं। वे परिवर्तन-निर्माता हैं जो हमारे देश और समाज को बेहतर बनाते हैं। पिछले दशक में, हमारी सरकार एक ऐसे राष्ट्र के निर्माण के लिए कई प्रयास कर रही है जहां हर लड़की को सीखने, बढ़ने और पनपने का अवसर मिले।"<
/p>On National Girl Child Day, we salute the indomitable spirit and accomplishments of the Girl Child. We also recognise the rich potential of every girl child in all sectors. They are change-makers who make our nation and society better. Over the last decade, our government has…— Narendra Modi (@narendramodi) January 24, 2024
24 जनवरी को ही क्यों मनाते हैं बालिका दिवस?
राष्ट्रीय बालिका दिवस को 24 जनवरी के ही दिन क्यों मनाते हैं इसकी एक खास वजह ये है कि साल 1966 में आज यानी 24 जनवरी के ही दिन भारत की पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी। वो देश की पहली महिला प्रधानमंत्री थी। देश की बेटी के इस पद तक पहुंचने को उपलब्धि को हर साल याद करने के लिए ये दिन चुना गया था।
बालिका दिवस मनाने का उद्देश्य
राष्ट्रीय बालिका दिवस मनाने का मुख्य उद्देश्य देश की बेटियों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना है। इसके अलावा समाज में उनके विकास के लिए समान अवसर और सम्मान दिलाने की ओर भी लोगों का ध्यान आकर्षित करना है और सबसे जरूरी बालिकाओं के साथ होने वाले भेदभाव पर बात करना है।
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