उद्धव ठाकरे की पार्टी का चुनाव चिन्ह 'मशाल' फिर बुझने की कगार पे, समता पार्टी ने चुनाव आयोग को चिट्ठी लिखकर जताई आपत्ति
केंद्रीय चुनाव आयोग में अभी हाल ही में उद्धव ठाकरे की पार्टी को जो 'मशाल' चुनाव चिन्ह दिया था,उसे लेकर पुनः विवाद पैदा हो गया है। इस बार चुनाव चिन्ह पर समता पार्टी ने अपना दावा पेश किया है। समता पार्टी का कहना है कि जब 'मशाल' पहले से ही समता पार्टी का चुनाव चिन्ह है, तो इसे उद्धव ठाकरे की पार्टी को कैसे दिया जा सकता है। इस संबंध में समता पार्टी के अध्यक्ष का पत्र लेकर नेता कैलाश झा अपनी आपत्ति दर्ज कराने आज केंद्रीय चुनाव आयोग के दफ्तर पहुंचे ।
उपचुनाव में एक ही चुनाव चिन्ह होने से मतदाताओं में बढ़ेगा कन्फ्यूजन
समता पार्टी भी अंधेरी विधानसभा का उपचुनाव लड़ने का मन बना रही है। ऐसे में जॉर्ज फर्नांडिस की समता पार्टी और उद्धव ठाकरे की पार्टी का एक ही चुनाव चिन्ह 'मशाल' होने से मतदाताओं में कंफ्यूजन की स्थिति पैदा हो सकती है। जनता पार्टी का चुनाव चिन्ह मशाल वर्ष 1996 से ही रहा है।इस वजह से समता पार्टी ने केंद्रीय चुनाव आयोग के सामने अपनी आपत्ति दर्ज करवाई है और मांग की है कि शिवसेना उद्धव बालासाहेब ठाकरे पार्टी को 'मशाल' चुनाव चिन्ह की बजाए कोई और चुनाव चिन्ह दिया जाए। अब देखना ये है कि कि चुनाव आयोग इस पर क्या रुख अपनाता है।
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