दबाव में श्रीलंका, चीन का पोत तो रोक लिया पर पाकिस्तानी पोत को अनुमति

NULL

दबाव में श्रीलंका, चीन का पोत तो रोक लिया पर पाकिस्तानी पोत को अनुमति
09-08-2022 - 01:24 PM
21-04-2026 - 12:04 PM

श्रीलंका आर्थिक संकट के साथ उपजे राजनीतिक संकट अभी तक उबर नहीं सका है। वह इन दिनों दबाव में है। हालांकि भारत के विशेष आग्रह के बाद उसने सामरिक रूप से अहम माने जाने वाले हंबनटोटा बंदरगाह पर चीन के जासूसी जहाज को आने की अनुमति तो रद्द कर दी किंतु पाकिस्तान की नौसेना के सबसे शक्तिशाली युद्धपोत पीएनएस तैमूर को कोलंबो पोर्ट पर आने की अनुमति दे दी।

 

फिलहाल, श्रीलंका की ओर से पाकिस्तान के युद्धक पोत को अनुमति दिए जाने के विभिन्न पहलुओं को परखा जा रहा है। चीन की ओर से हंबनटोटा बंदरगाह पर 11 से 17 अगस्त के बीच टोही पोत युआन वांग-5 का आना तय था। इसे भारतीय विरोध के बाद कोलंबो ने इसको अनुमति नहीं दी लेकिन, अब पाकिस्तानी नौसेना के बेड़े का सबसे शक्तिशाली युद्धपोत पीएनएस तैमूर के कोलंबो पोर्ट पर आने की अनुमति दी गई है।

पीएनएस तैमूर कोलंबो पोर्ट पर रुकेगा। यह 12 से 15 अगस्त के बीच कोलंबो पोर्ट पर रुकेगा। उल्लेखनीय है कि पीएनएस तैमूर का निर्माण चीन में हुआ है जिसे पाकिस्तानी नौसेना को दिया गया है। ऐसे में चीन और पाकिस्तान के पोत की श्रीलंका एक ही समय में पहुंचने की टाइमिंग पर अब ध्यान दिया जा रहा है।
पीएनएस तैमूर चीन में निर्मित फोर टाइप का 054 A/P फ्रिगेट्स में से दूसरा युद्धपोत है। इसे 23 जून 2022 को कमीशन किया गया था। इस वर्ग का प्रमुख जहाज PMNS तुगरिल है और इसे 24 जनवरी 2022 को कमीशन किया गया था। चीन आठ युआन क्लास -041 डीजल अटैक पनडुब्बियों का भी निर्माण पाकिस्तान के लिए कर रहा है। इसे पाकिस्तानी नौसेना को 2028 तक सौंपे जाने की योजना है। इसका उद्देश्य भारतीय समुद्री सीमाओं के सैन्य क्षेत्र को प्रभावित करना माना जा रहा है।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow

THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।