हैट्रिक की तैयारी में जिनपिंग...चीन में उनके विरोधियों की धरपकड़ तेज
<p><em><strong>जिनपिंग आधुनिक चीन के संस्थापक माओत्से तुंग के बाद चीन के सबसे शक्तिशाली शासक के रूप में जगह लेने को तैयार हैं। </strong></em></p>
शी जिनपिंग तीसरी बार चीन के राष्ट्रपति बनने जा रहे हैं। वे रविवार को सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी के एक ऐतिहासिक कांग्रेस की शुरुआत करेंगे। इसी दौरान चीन के नए राष्ट्रपति चुनने की औपचारिकता पूरी की जाएगी। जिनपिंग आधुनिक चीन के संस्थापक माओत्से तुंग के बाद चीन के सबसे शक्तिशाली शासक के रूप में जगह लेने को तैयार हैं।
इस बीच, चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के खिलाफ बीजिंग में विरोध प्रदर्शन करने वालों की जोर-शोर से तलाश हो रही है। चीनी सरकारी अधिकारी सोशल मीडिया पर खास नजर रख रहे हैं, ताकि कहीं से भी प्रदर्शनकारियों का कोई सुराग मिल सके।
क्यों फैला है प्रदर्शन का डर
हाल ही, प्रदर्शनकारी ने बीजिंग के हैडियन जिले में सितोंग पुल पर बैनर लहराए थे। उन्होंने चीन की जीरो कोविड पॉलिसी को खत्म करने और शी जिनपिंग की सत्ता को उखाड़ फेंकने का आह्वान भी किया था। यह विरोध प्रदर्शन तब किया गया, जब रविवार को चीनी कम्युनिस्ट पार्टी की कांग्रेस शुरू होनी है। इसी कांग्रेस में 2300 डेलिगेट्स शी जिनपिंग को तीसरी बार चीन के राष्ट्रपति के तौर पर नियुक्ति को औपचारिक मंजूरी देंगे। बीजिंग में शी जिनपिंग के खिलाफ ऐसा विरोध काफी दुर्लभ और नाटकीय माना जा रहा है।
सोशल मीडिया पर डिलीट किया कंटेंट
चीन की सरकारी मीडिया इन प्रदर्शनों पर चुप्पी साधे हुए है, जबकि गुरुवार को इस घटना के कई वीडियो और फोटो सोशल मीडिया पर शेयर किए गए। चीन ने वीचैट जैसे स्वदेशी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से ऐसी तस्वीरों और वीडियो को तो तुरंत हटा लिया लेकिन वह ट्विटर, फेसबुक जैसे प्लेटफॉर्म पर ऐसा नहीं कर सका।
पुलिस ने एक प्रदर्शनकारी को किया गिरफ्तार
गुरुवार को बीजिंग में विरोध प्रदर्शन के दौरान कुछ लोगों ने सितोंग पुल पर दो पोस्टर लटकाए। शेयर किए जा रहे कुछ वीडियो फुटेज में जिनपिंग के खिलाफ लोगों की नारेबाजी भी सुनी गई।
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