गौतम अडानी ने ‘पावर’ की पावर दिखाते हुए मरोड़ी बांग्लादेश की बांह, बत्ती गुल करने की दी चेतावनी..!

बांग्लादेश में बिजली संकट की स्थिति और भी गंभीर हो सकती है, क्योंकि अडानी समूह ने बांग्लादेश सरकार को 7 नवंबर तक का समय दिया है कि वह अपनी बकाया राशि का भुगतान कर दे। ऐसा न होने पर अडानी पावर ने बांग्लादेश को बिजली की आपूर्ति बंद करने की चेतावनी दी है।

गौतम अडानी ने ‘पावर’ की पावर दिखाते हुए मरोड़ी बांग्लादेश की बांह, बत्ती गुल करने की दी चेतावनी..!
03-11-2024 - 11:51 AM

नई दिल्ली। बांग्लादेश में बिजली संकट की स्थिति और भी गंभीर हो सकती है, क्योंकि अडानी समूह ने बांग्लादेश सरकार को 7 नवंबर तक का समय दिया है कि वह अपनी बकाया राशि का भुगतान कर दे। ऐसा न होने पर अडानी पावर ने बांग्लादेश को बिजली की आपूर्ति बंद करने की चेतावनी दी है। इस समय अडानी पावर ने बांग्लादेश को दी जाने वाली आधी बिजली की सप्लाई पहले ही रोक दी है, जिससे वहां ऊर्जा संकट बढ़ने का खतरा मंडरा रहा है।

बांग्लादेश पर अडानी पावर का 850 मिलियन डॉलर (लगभग 7200 करोड़ रुपये) का बकाया है। इसके निपटारे के लिए अडानी समूह ने बांग्लादेश पावर डेवलपमेंट बोर्ड (BPDB) के साथ कई बार बातचीत की, लेकिन कोई ठोस समाधान नहीं निकल सका। अडानी ने भुगतान की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए BPDB से 170 मिलियन डॉलर (करीब 1500 करोड़ रुपये) का लेटर ऑफ क्रेडिट (एलसी) जारी करने को कहा था और इसकी अंतिम तिथि 31 अक्टूबर निर्धारित की थी।

सूत्रों के अनुसार, BPDB ने यह लेटर ऑफ क्रेडिट (एलसी) कृषि बैंक के माध्यम से जारी करने की पेशकश की थी, परंतु यह बिजली खरीद समझौते की शर्तों के अनुरूप नहीं था। डॉलर की कमी को इसका मुख्य कारण बताया गया, जिसके चलते BPDB अडानी पावर को आवश्यक लेटर ऑफ क्रेडिट प्रदान नहीं कर सका। इस पर अडानी पावर ने अपनी झारखंड इकाई से बांग्लादेश की बिजली आपूर्ति में 50% की कटौती कर दी, जिससे पहले से ही चुनौतियों का सामना कर रहे बांग्लादेश में बिजली संकट और भी बढ़ने की आशंका है।

अडानी पावर झारखंड बांग्लादेश को बिजली सप्लाई करने वाला सबसे बड़ा प्रदाता है। इसके बाद पायरा (1,244 मेगावाट), रामपाल (1,234 मेगावाट), और एसएस पावर I (1,224 मेगावाट) जैसे प्लांट आते हैं। अडानी समूह बांग्लादेश को झारखंड स्थित गोड्डा प्लांट से बिजली आपूर्ति करता है, जिसमें बांग्लादेश इस प्लांट का एकमात्र खरीदार है। बिजली की आधी आपूर्ति रुकने से गोड्डा प्लांट में 800 मेगावाट की दो यूनिटों में से एक को बंद करना पड़ा है, जिसका प्रभाव अडानी समूह पर भी पड़ेगा।

बांग्लादेश को दी जाने वाली बिजली आपूर्ति में इस कमी का असर न केवल बांग्लादेश की बिजली व्यवस्था पर पड़ सकता है, बल्कि अडानी समूह की आर्थिक स्थिति और संचालन पर भी इसका असर देखने को मिलेगा, खासकर गोड्डा प्लांट के उत्पादन पर निर्भरता के चलते।

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।