“बिना शर्त आत्मसमर्पण करो”: ईरान को ट्रंप की सोशल मीडिया पर धमकी
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर एक के बाद एक धमकी भरे पोस्ट किए हैं। उन्होंने ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई को लेकर कहा कि अमेरिका चाहे तो उन्हें मार सकता है लेकिन ..
वॉशिंग्टन/तेहरान। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर एक के बाद एक धमकी भरे पोस्ट किए हैं। उन्होंने ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई को लेकर कहा कि अमेरिका चाहे तो उन्हें मार सकता है लेकिन फिलहाल वह ऐसा नहीं कर रहा है सिर्फ इसलिए कि अमेरिकी नागरिकों और सैनिकों पर ईरान की जवाबी कार्रवाई न हो।
ट्रंप ने लिखा, "हमें पूरी तरह से पता है कि तथाकथित 'सुप्रीम लीडर' कहां छिपे हैं। वह आसान लक्ष्य हैं लेकिन फिलहाल वहां सुरक्षित हैं। हम उन्हें ‘अभी’ नहीं मारने जा रहे।"
इसके बाद ट्रंप ने चेतावनी देते हुए कहा, "हम नहीं चाहते कि मिसाइलें नागरिकों या हमारे सैनिकों पर दागी जाएं लेकिन हमारा धैर्य अब खत्म हो रहा है।"
कुछ देर बाद ट्रंप ने एक और पोस्ट में पूरी तरह बड़े अक्षरों में लिखा, "UNCONDITIONAL SURRENDER! (बिना शर्त आत्मसमर्पण!)"
ईरान को खाली करने की चेतावनी
ट्रंप के इन बयानों से पहले उन्होंने ईरान के 95 लाख नागरिकों से देश खाली करने की अपील की थी, जो उन्होंने G7 शिखर सम्मेलन से अचानक लौटने के बाद दी। यह बयान उस समय आया है जब इज़राइल लगातार पांच दिनों से ईरान पर हमले कर रहा है और कहा जा रहा है कि अमेरिकी समर्थन से वह ईरान के परमाणु ठिकानों को स्थायी नुकसान पहुंचा सकता है।
"समझौता कर लेते तो ठीक रहता"
ट्रंप ने एयर फोर्स वन से पत्रकारों से बात करते हुए कहा, "मैंने कभी नहीं कहा कि मैं संघर्षविराम चाहता हूं। हम इससे बेहतर कुछ चाहते हैं।"
उन्होंने कहा, "उन्हें समझौता कर लेना चाहिए था। मैंने कहा था – ‘समझौता करो’। अब मुझे नहीं पता। मुझे ज़्यादा मोलभाव करने का मूड नहीं है।"
हालांकि, ट्रंप ने यह भी जोड़ा कि कूटनीतिक विकल्प अभी भी खुले हैं और वे उप राष्ट्रपति जे. डी. वांस और विशेष दूत स्टीव विटकॉफ को ईरान से बातचीत के लिए भेज सकते हैं।
ईरान का जवाब और परमाणु हथियारों पर स्थिति
ईरान ने बार-बार कहा है कि वह परमाणु हथियार विकसित नहीं कर रहा, और अमेरिकी खुफिया एजेंसियों ने भी इस बात की पुष्टि की है। मार्च में अमेरिका की नेशनल इंटेलिजेंस डायरेक्टर तुलसी गैबर्ड ने गवाही दी थी कि ईरान ने 2003 में अपने परमाणु हथियार कार्यक्रम को बंद कर दिया था और उसे फिर से शुरू नहीं किया है।
लेकिन ट्रंप ने इस रिपोर्ट को खारिज करते हुए कहा, "मुझे फर्क नहीं पड़ता कि उसने क्या कहा। मुझे लगता है कि वे बहुत करीब थे इसे हासिल करने के।"
यह बयानबाजी ऐसे समय में आई है जब पश्चिम एशिया में तनाव अपने चरम पर है। ट्रंप का यह तीखा रुख 2024 अमेरिकी चुनावों की पृष्ठभूमि में भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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