"हमने शतरंज खेली..": ऑपरेशन सिंदूर के दौरान 'राजनीतिक स्पष्टता' देखने की बात कहते हुए थल सेनाध्यक्ष ने बताईं रणनीतियां
थल सेनाध्यक्ष जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को लेकर नए खुलासे करते हुए इसे “ग्रे ज़ोन” में लड़ी गई एक ऊँचे दांव की “शतरंज की बाज़ी” बताया। शनिवार को आईआईटी मद्रास में भारतीय सेना अनुसंधान प्रकोष्ठ के उद्घाटन के दौरान द्विवेदी ने समझाया कि यह ऑपरेशन एक सोची-समझी सैन्य कार्रवाई थी जो पारंपरिक युद्ध से कम थी लेकिन निर्णायक..
चेन्नई। थल सेनाध्यक्ष जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को लेकर नए खुलासे करते हुए इसे “ग्रे ज़ोन” में लड़ी गई एक ऊँचे दांव की “शतरंज की बाज़ी” बताया। शनिवार को आईआईटी मद्रास में भारतीय सेना अनुसंधान प्रकोष्ठ के उद्घाटन के दौरान द्विवेदी ने समझाया कि यह ऑपरेशन एक सोची-समझी सैन्य कार्रवाई थी जो पारंपरिक युद्ध से कम थी लेकिन निर्णायक प्रहार करने के लिए बनाई गई थी।
उन्होंने कहा, “ऑपरेशन सिंदूर में हम शतरंज खेल रहे थे। हमें यह नहीं पता था कि दुश्मन का अगला कदम क्या होगा और हमारा अगला कदम क्या होगा। इसे ही ग्रे ज़ोन कहते हैं। कहीं हम उन्हें चेकमेट दे रहे थे और कहीं अपनी जान जोखिम में डालकर वार कर रहे थे — लेकिन ज़िंदगी का यही तो मतलब है।”
22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत के बाद के दिनों को याद करते हुए उन्होंने कहा, “अगले ही दिन यानी 23 अप्रैल को हम सब बैठे। यह पहली बार था जब रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा — ‘अब बहुत हो गया।’ हमें खुला हाथ दे दिया गया — ‘तुम तय करो क्या करना है।’ यही वह भरोसा, राजनीतिक दिशा और राजनीतिक स्पष्टता थी, जो हमने पहली बार देखी।”
द्विवेदी ने बताया कि 25 अप्रैल तक उत्तरी कमान ने नौ में से सात पहचाने गए लक्ष्यों पर प्रहार की योजना बनाकर उसे अंजाम दिया, जिसमें आतंकी ढांचे को ध्वस्त किया गया और बड़ी संख्या में आतंकियों को मारा गया।
थल सेनाध्यक्ष ने कहा कि इस ऑपरेशन ने पूरे देश को प्रेरित किया। “यही वह चीज़ थी जिसने पूरे राष्ट्र को एकजुट कर दिया। यही वजह थी कि पूरा देश पूछ रहा था कि आपने रुक क्यों गए? यह सवाल उठ रहा था और उसका भरपूर जवाब दिया गया।”
वायुसेनाध्यक्ष एयर चीफ़ मार्शल एपी सिंह ने भी शुक्रवार को पहली बार पाकिस्तानी ठिकानों के नुक़सान का ब्योरा साझा किया। उन्होंने कहा, “हमने कम से कम पाँच लड़ाकू विमानों को मार गिराया और एक बड़े विमान को… यह सतह से हवा में मार गिराने का अब तक का सबसे बड़ा रिकॉर्ड है।” उन्होंने यह भी बताया कि रडार साइटें, वायु रक्षा प्रणालियां और विमान हैंगर भी निशाना बनाए गए। सिंह ने इस सफलता का श्रेय सरकार की “बेहद स्पष्ट राजनीतिक इच्छाशक्ति” को दिया, जिसने सशस्त्र बलों को पूरी तरह से परिचालनिक स्वतंत्रता दी।
ऑपरेशन सिंदूर 7 मई को शुरू किया गया था। यह पहलगाम हमले के जवाब में भारत की कार्रवाई थी, जिसमें पाकिस्तान और पाकिस्तान-अधिकृत जम्मू-कश्मीर में स्थित आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया।
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