“हिंग्लिश जंक फूड की तरह है”— 13 भाषाओं में विभिन्न काम कर कर चुके आर्टिस्ट डायरेक्टर कमल काबुलीवाला का स्पष्ट दृष्टिकोण..

वो एक परफॉर्मेंस स्टोरीटेलर, बहुभाषी अभिनेता, थिएटर निर्देशक, साहित्यिक अनुवादक, गीतकार और प्रकाशित लेखक हैं। 1999 से रंगमंच की दुनिया में सक्रिय कमल प्रूथी को कला जगत में कमल काबुलीवाला के नाम से जाना जाता है..

“हिंग्लिश जंक फूड की तरह है”— 13 भाषाओं में विभिन्न काम कर कर चुके आर्टिस्ट डायरेक्टर कमल काबुलीवाला का स्पष्ट दृष्टिकोण..
07-03-2026 - 11:39 AM
07-03-2026 - 01:35 PM

काबुलीवाला थिएटर, स्टोरीटेलिंग और इवेंट्स मैनेजमेंट कंपनी के आर्टिस्टिक डायरेक्टर कमल काबुलीवाला को वर्ष 2015 से 2018 के बीच भारत के शीर्ष परफॉर्मेंस स्टोरीटेलर्स में शामिल किया गया था। वह एक परफॉर्मेंस स्टोरीटेलर, बहुभाषी अभिनेता, थिएटर निर्देशक, साहित्यिक अनुवादक, गीतकार और प्रकाशित लेखक हैं। 1999 से रंगमंच की दुनिया में सक्रिय कमल प्रूथी को कला जगत में कमल काबुलीवाला के नाम से जाना जाता है।

एक सोलो स्टेज आर्टिस्ट के रूप में कमल ने भारत के 20 शहरों और 6 देशों में 350 से अधिक मंच प्रस्तुतियाँ दी हैं तथा 13 भाषाओं में 71 से अधिक विज्ञापनों में अभिनय किया है। अब तक वे 17 भाषाओं में 10 नाटकों का निर्देशन कर चुके हैं और 3 भाषाओं में 35 से अधिक गीतों की रचना कर चुके हैं। 15 अंतरराष्ट्रीय स्कॉलरशिप, फेलोशिप और आर्ट रेजीडेंसी के माध्यम से उन्होंने जर्मनी, पोलैंड, बांग्लादेश, हंगरी सहित कुल 6 देशों में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व किया है और 4 अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त किए हैं। उनके कलात्मक कार्यों के लिए भारत, दुबई और अफगानिस्तान के प्रमुख मीडिया संस्थानों ने उनका 150 से अधिक बार साक्षात्कार लिया है। वर्ष 2015 से कमल दिल्ली/NCR के बच्चों के लिए बड़े पैमाने पर समर कैंप आयोजित कर रहे हैं।

कमल काबुलीवाला ने TheNewsthikana के साथ हुए रोचक साक्षात्कार में सात प्रमुख विषय शामिल हैं।  तीन-भाषा नीति, ‘वंदे मातरम्’ पर चल रही बहस, जेन ज़ी की नई भाषा (लिंगो), रुपए की गिरती कीमत, विदेशी भाषाएँ सीखने के महत्व तथा अंग्रेज़ी को निरर्थक भाषा मानने जैसे मुद्दों पर अपने विचार व्यक्त करते हैं..

आपने अब तक कितनी भाषाओं में प्रस्तुति दी है?

अब तक मैं 13 भाषाओं में अभिनय कर चुका हूँ।

यह सब कैसे शुरू हुआ? क्या आपको प्रारंभ से ही भाषाओं में रुचि थी?

दरअसल, भाषा सीखने की शुरुआत बचपन से ही हो जाती है। बचपन में मेरे प्रिय विषय हिंदी, संस्कृत और अंग्रेज़ी थे, और मेरी सबसे पसंदीदा पुस्तकें शब्दकोश (डिक्शनरी) हुआ करती थीं।

अब तक आपने किन 13 भाषाओं में अभिनय किया है?

हिंदी, उर्दू, पंजाबी, अंग्रेज़ी, कन्नड़, गुजराती, मराठी, तमिल, तेलुगु, बंगाली, जर्मन, फ्रेंच और जिबरिश।

आपने इतनी सारी भाषाएँ कैसे सीखीं?

मैं बैंगलोर, मुंबई, पुणे, जर्मनी, लुधियाना, कोलकाता जैसे विभिन्न शहरों में रहा हूँ। जहाँ भी रहा, वहाँ की स्थानीय भाषा सीखने का प्रयास किया।

एक नई भाषा सीखने में आपको कितना समय लगता है?

यह पूरी तरह भाषा की जटिलता पर निर्भर करता है। उदाहरण के तौर पर कन्नड़ एक कठिन भाषा है। बैंगलोर में पाँच वर्ष रहने के बावजूद भी मेरी कन्नड़ उतनी सशक्त नहीं है। जबकि कोलकाता में मात्र 15 महीनों में मैंने बंगाली अपेक्षाकृत तेज़ और बेहतर तरीके से सीख ली।

क्या आपने सभी भाषाएँ एक साथ सीखी थीं?

नहीं, बिल्कुल नहीं। क्या आप नाश्ता, दोपहर का भोजन और रात का भोजन एक ही बार में कर सकते हैं? नहीं। ठीक उसी प्रकार भाषा सीखना भी एक क्रमिक प्रक्रिया है और “एक समय में एक कार्य” की नीति ही प्रभावी होती है। हालाँकि एक ही वर्ष में 3–4 भाषाओं पर काम शुरू किया जा सकता है, लेकिन प्रतिदिन एक साथ कई भाषाएँ सीखना उचित नहीं, अन्यथा दिमाग की वायरिंग प्रभावित हो सकती है।

दिमाग की वायरिंग का मुद्दा रोचक है। इसके बारे में और बताइए।

मैं कोलकाता से सीधे बैंगलोर आ गया था। कोलकाता में 15 महीने बंगाली सीखने के बाद जब मैंने कर्नाटक में कन्नड़ सीखनी शुरू की, तो एक मज़ेदार स्थिति बनती थी। बैंगलोर में कन्नड़िगाओं से बातचीत करते समय मैं कन्नड़ में उत्तर देना चाहता था, लेकिन दिमाग में बंगाली के संकेत आने लगते थे। इस प्रकार बंगाली और कन्नड़ की एक अजीब-सी “खिचड़ी” तैयार हो जाती थी, जो अपने आप में रोचक अनुभव था।

क्या हर व्यक्ति आपकी तरह प्रभावशाली ढंग से भाषाएँ सीख सकता है?

बिल्कुल, क्यों नहीं? लेकिन वही लोग सफल होते हैं जिन्हें सच में भाषाएँ सीखने से प्रेम हो और जो भाषाओं की खिचड़ी के साथ प्रयोग करना पसंद करते हों। साइकिल चलाना सीखने के लिए गिरने के लिए तैयार रहना पड़ता है।

भाषा किंग’ बनने की आपकी प्रेरणा कौन रहे हैं?

बैंगलोर में सोनू निगम  को कन्नड़ में लाइव गाते देखना मेरे लिए अत्यंत प्रेरणादायक था। उषा  उथुप  ने 17 भाषाओं में गीत गाए हैं, जबकि लता  मंगेशकर  ने 25 से अधिक भाषाओं में। कमल  हासन  ने 8 भाषाओं में अभिनय किया है। असिन  ने 7 भाषाओं में कार्य किया है। रजनिकान्त  , ऐश्वर्या  रॉय , तापसी पन्नू और माम्मूटी  ने 6–6 भाषाओं में अभिनय किया है। भारत में पहले भी कई भाषा किंग और भाषा क्वीन रहे हैं। मैं अकेला नहीं हूँ बल्कि इस परंपरा को आगे बढ़ाने का प्रयास कर रहा हूँ। यह स्थान लंबे समय से रिक्त था, जिसे भरने की कोशिश की है।

आपको किस भाषा में काम करना सबसे अधिक पसंद है?

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सौम्या श्रीवास्तव रेडियो, टेलीविजन पर समाचार वाचन का लंबा अनुभव प्राप्त करने के बाद विभिन्न समाचार पत्र-पत्रिकाओं में संवाददाता के तौर पर सेवाएं देती रही हूं।