‘गगनयान मिशन के ट्रायल में फीमेल रोबोट व्योममित्र को भेजेंगे स्पेस में’, क्या कुछ बोले केंद्रीय विज्ञान मंत्री?
<p><em><strong>केंद्रीय विज्ञान मंत्री जितेंद्र सिंह ने बताया कि कोरोना महामारी के कारण गगनयान मिशन में देरी हुई है, लेकिन अब अक्टूबर में मिशन के पहले ट्रायल के लिए प्लान कर रहे हैं।</strong></em></p>
चंद्रयान-3 मिशन की सफलता के बाद अब गगनयान को लेकर चर्चा तेज हो गई है। ये भारत का पहला मिशन होगा, जिसमें अंतरिक्ष में मानव को भेजा जाएगा। इस मिशन के तीन फेज होंगे, जिसमें दो बार मानवरहित उड़ानें भेजी जाएंगी और फिर एक उड़ान में इंसानों को अंतरिक्ष में भेजा जाएगा। इस मिशन में तीन अंतरिक्ष यात्री भेजे जाएंगे।
महिला रोबोट जाएगी अंतरिक्ष में
केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने शनिवार (26 अगस्त) को इस मिशन के बारे में कहा कि गगनयान मिशन के ट्रायल में एक महिला रोबोट व्योममित्र को भेजा जाएगा। आने वाले अक्टूबर के महीने के पहले या दूसरे सप्ताह में एक परीक्षण अंतरिक्ष उड़ान का प्रयास किया जाएगा। महामारी के कारण गगनयान परियोजना में देरी हुई।
गगनयान पर क्या बोले जितेंद्र सिंह?
उन्होंने एनडीटीवी जी20 कॉन्क्लेव में कहा कि दूसरी परीक्षण उड़ान में एक महिला रोबोट होगी और वह सभी मानवीय गतिविधियों की नकल करेगी। अगर सब कुछ सही रहा, तो हम आगे बढ़ सकते हैं। अंतरिक्ष यात्रियों को वापस लाना उतना ही महत्वपूर्ण है, जितना उन्हें भेजना। उन्होंने ये भी कहा कि जब चंद्रयान-3 का लैंडर चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के करीब पहुंचा तो उन्हें काफी राहत महसूस हुई।
चंद्रयान-3 की सफलता से हैं काफी खुश
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जो लोग इसरो टीम के साथ बहुत करीब से जुड़े रहे हैं और हम सब काफी नर्वस थे। जब चंद्रयान-3 चंद्रमा की कक्षा में गया था, तब मैं ज्यादा नर्वस था। इसकी लैंडिंग बहुत सहज थी। उन्होंने कहा कि चंद्रमा पर उतरना भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) और देश की सफलता की यात्रा में एक लंबी छलांग है।
पीएम मोदी की तारीफ की
पीएम मोदी की तारीफ करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अंतरिक्ष क्षेत्र को खोल दिया। लगभग 2019 तक, श्रीहरिकोटा के गेट बंद थे, लेकिन इस बार मीडिया और स्कूली बच्चों को आमंत्रित किया गया था। इस बार इसका स्वामित्व लोगों के पास था। अंतरिक्ष कार्यक्रम के लिए फंडिंग बढ़ा दी गई है।
भारत ने चांद पर रचा है इतिहास
भारत के चंद्रयान-3 मिशन के लैंडर माड्यूल ने 23 अगस्त की शाम को इतिहास रचते हुए चांद के दक्षिणी धु्रव पर सॉफ्ट लैंडिंग की थी। इसी के साथ भारत चंद्रमा के दक्षिणी धु्रव पर पहुंचने वाला पहला देश बना गया और रूस, अमेरिका और चीन के बाद चंद्रमा पर सॉफ्ट लैंडिंग करने वाला चैथा देश बना।
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