हवा के खिलाफ ‘गहलोत’, ‘दंगल’ में ‘पायलट’, ‘मोदी-राहुल’ में लड़े पेंच
<p><em><strong>राजस्थान में ठंड बढ़ने के बावजूद 14 जनवरी को ही मकर संक्रांति मनी और इसी दिन पतंगबाजी भी जनकर हुई। सुबह से ही लोग छतों पर टंगे रहे। जयपुर की छतों पर तेज आवाज में बजते गानों से लेकर खींच-खींच, ढील दे-ढील दे और वो काटा का शोर गूंजता रहा। उम्मीद है कि 15 जनवरी को भी पतंगबाजी होने वाली है।</strong></em></p>
राजस्थान की राजधानी जयपुर में मकर सक्रांति का आकाश न केवल फिल्मी सितारों की ‘अदाओं’ से भरा हुआ रहा बल्कि राजनीतिक दांव-पेच भी जमकर चले। दरअसल, लोकप्रिय राजनेताओं, हीरो और फिल्मों की तस्वीरों से न केवल पतंगे सजी हुई थी बल्कि इनके नाम पर डोर और मांझे की बिक्री भी जमकर हुई। कुछ नाम हैं, ‘मोदी मांजा और पतंग’, ‘केसीआर मांजा और पतंग’, ‘बाहुबली मांझा’। वहीं, बच्चों को कार्टून प्रिंटेड पतंग, मोटू-पतलू, डोरेमोन और सुपरहीरो को उड़ाना पसंद आया।
मकर सक्रांति के आसमान में राजनेताओं की तस्वीरों से सजी पतंगों में कहीं एक-दूसरे से आगे निकलने की होड दिखाई दी, कहीं एक-दूसरे से उलझा जा रहा था तो कहीं दूसरे की डोर काट देने का जुनून देखने को मिला। वसुंधरा राजे, सचिन पायलट से लेकर सीएम अशोक गहलोत, पीएम नरेंद्र मोदी से लेकर राहुल गांधी की तस्वीरों से सजी पतंगों से मकर सक्रांति का आसमान गुलजार रहा। इनके अलावा देसी छोटा भीम को चाइनीज ड्रेगन से पेच लड़ाते हुए भी देखा गया।
वो काटा से लेकर ‘खींच-खींच’
जयपुर की छतों पर तेज आवाज में बजते गानों से लेकर खींच-खींच, ढील दे-ढील दे और वो काटा का शोर गूंजlता रहा। मौसम साफ रहने से पतंगबाजी की शुरुआत अच्छी रही। धूप खिलने और हवा बहने से जोश बन गया। उम्मीद है कि कल रविवार, 15 जनवरी को भी मकर संक्रांति को लेकर उत्साह रहेगा और पतंगबाजी जारी रहेगी।
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