‘कसम खाकर कहती हूं, एक पैसा भी...’, ब्रह्माकुमारी बहनों ने सुसाइड नोट में लगाए सनसनीखेज आरोप, सीएम योगी से मांगा इंसाफ

<p><em><strong>आगरा में प्रजापिता ब्रह्माकुमारी आश्रम में रहने वाली दो सगी बहनों ने फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। दोनों बहनों ने जान देने से पहले तीन पेज का सुसाइड नोट भी लिखा है, जिसमें संस्था के ही चार लोगों पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। सुसाइट नोट में 25 लाख रुपये हड़पने से लेकर अनैतिक संबंधों तक का जिक्र किया गया है।</strong></em></p>

‘कसम खाकर कहती हूं, एक पैसा भी...’, ब्रह्माकुमारी बहनों ने सुसाइड नोट में लगाए सनसनीखेज आरोप, सीएम योगी से मांगा इंसाफ
12-11-2023 - 11:45 AM
21-04-2026 - 12:04 PM

यूपी के आगरा में उस समय सनसनी मच गई, जब प्रजापति ब्रह्माकुमारी आश्रम में रहने वाली दो सगी बहनों ने फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। यह घटना आगरा के जगनेर में हुई है। दोनों बहनों ने जान देने से पहले तीन पेज का सुसाइड नोट भी लिखा है, जिसमें संस्था के ही चार लोगों पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। इतना ही दोनों बहनों ने सुसाइड नोट में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से आरोपियों को आसाराम बापू की तरह उम्रकैद की सजा दिलाए जाने की मांग की है। दोनों बहनों के तीन पन्ने के सुसाइड नोट में उन बातों का जिक्र है जिस वजह उन्हें अपनी जान देने पर मजबूर होना पड़ा।
सुसाइड नोट में गंभीर आरोप, योगी से अपील
सुसाइट नोट में लिखा गया है, ‘योगी जी रिक्वेस्ट करती हूं। इस पापी ने हमारे दोनों बहनों के साथ गद्दारी की है। माउंड आबू में नौकरी करने वाले नीरज सिंघल ने हमें भरोसा दिलाया कि यहां सेंटर बनने के बाद वो साथ रहेगा लेकिन उसके बाद उसने बात करना बंद कर दिया। सेंटर खोले जाने को लेकर दोनों बहनों ने एक साल से परेशान रहने का जिक्र किया है और इसके लिए आश्रम के चार लोगों नीरज सिंघल, धौलपुर के ताराचंद, नीरज के पिता और ग्वालियर के आश्रम में रहने वाली एक महिला को जिम्मेदार ठहराते हुए पैसे हड़पने का आरोप लगाया है। 
अवैध संबंध होने का भी जिक्र 
सुसाइट नोट में ग्वालियर में रहने वाली महिला से इन लोगों (आरोपियों) के अवैध संबंध होने का भी जिक्र किया गया है। दोनों बहनों ने सुसाइड नोट में लिखा, ‘हमारे पिता ने प्लॉट के लिए 7 लाख रुपए आश्रम से जुड़े लोगों को दिए थे। 18 लाख रुपए गरीब माताओं से लिए गए थे, जिन्हें आरोपियों ने हड़प लिया। वे लोग पैसे हड़पने के साथ-साथ महिलाओं के साथ अनैतिक काम करते हैं। उन्होंने आगे लिखा है, ‘सेंटर के 25 लाख रुपये वहां रहने वाली गरीब माताओं-बहनों का है और वो उन्हें ही मिलना चाहिए। दोनों बहनों ने आगे लिखा है इसने (आरोपियों)  वो पैसा देने से मना कर दिया और अफवाह फैला दी कि सेंटर उन्होंने बनवाया है। मैं कसम खाकर कह सकती हूं, इसका एक पैसा भी सेंटर में नहीं लगा है। 
सुसाइड नोट में चार लोगों का जिक्र
सुसाइड नोट में गुड्डन नाम के एक व्यक्ति का भी जिक्र किया गया है। यूपी के मुख्यमंत्री को संबोधित करते हुए आगे लिखा गया है कि वो बहुत अय्याश है और इसने अपनी बहू को भी नहीं छोड़ा और उससे उसके नाजायज संबंध हैं। सुसाइड नोट में दोनों बहनों ने आगे लिखा है, ‘कई बहनें (महिलाएं) सुसाइड कर लेती हैं और यह लोग (आरोपी) छिपा लेते हैं। हम दोनों बहनों के साथ गद्दारी हुई है। पापी नीरज सिंघल माउंट आबू में मॉडर्न कंपनी में नौकरी करता है। ग्वालियर मोती झील वाली पूनम, इसके पिता ताराचंद और उसकी बहन का ससुर गुड्डन, जो जयपुर में रहता है। हमारे साथ 15 साल से रह रहा था और झूठ बोलता रहा। हमने कोई गलती नहीं की। सेंटर बनवाने में सारा पैसा हमारा लगा है।
सीएम योगी से मार्मिक अपील
सुसाइड नोट में दोनों बहनों ने सीएम योगी से अपील करते हुए आगे लिखा है, ‘योगी जी नीरज, ताराचंद और गुड्डन तीनों को आजीवन सजा मिलनी चाहिए। मैं फिर बोलूंगी हमने अकेले पड़कर घबड़ाकर ये सब किया है, इन्होंने हमारे सेंटर के पैसे से फ्लैट खरीद लिया। इसने धौलपुर में भी कई लोगों का पैसा हड़प लिया है। ये लोग ब्याज पर पैसा लाते हैं और फिर उसी पर केस कर देते हैं। इन सबमें पूनम, सविता और रश्मि भी शामिल है। हम दोनों की जिंदगी खराब करने में इनका भी हाथ है।
दो लोगों की हुई गिरफ्तारी
मृतक बहनों में से शिखा (उम्र-32 साल) ने एक पेज का सुसाइड नोट लिखा है, जबकि उसकी बड़ी बहन एकता (उम्र-38 साल) ने दो पेज का सुसाइड नोट लिखा है। शिखा ने सुसाइड नोट में दोनों बहनों के पिछले एक साल से परेशान होने का जिक्र किया है। वहीं इस मामले को लेकर एसीपी ने बताया कि सभी आरोपी बाहर के हैं, इनमें से दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है और दो लोगों को पकड़ने के लिए टीम को रवाना किया गया है।

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।