‘अगर इस्लामाबाद हमारे नागरिकों की रक्षा नहीं कर सकता तो...’ पाकिस्तान को मझधार में छोड़ चीन ने अस्थायी रूप से बंद किया कांसुलर सेक्शन..!

<p><em><strong>चीन ने एक चौंकाने वाले कदम के तहत इस्लामाबाद में अपने दूतावास के कांसुलर सेक्शन को अगली सूचना तक अस्थायी रूप से बंद करने की घोषणा की है।</strong></em></p>

‘अगर इस्लामाबाद हमारे नागरिकों की रक्षा नहीं कर सकता तो...’ पाकिस्तान को मझधार में छोड़ चीन ने अस्थायी रूप से बंद किया कांसुलर सेक्शन..!
15-02-2023 - 10:17 PM
21-04-2026 - 12:04 PM

बदहाल पाकिस्तान को उसके हाल पर छोड़कर चीन वहां से अपना बोरिया बिस्तर समेटने की तैयारी में है। चीनी दूतावास की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी नोटिस में कहा गया है, ‘तकनीकी मुद्दों के कारण इस्लामाबाद में चीनी दूतावास का वाणिज्य दूतावास खंड 13 फरवरी, 2023 से अगली सूचना तक अस्थायी रूप से बंद रहेगा।’ इस्लामाबाद डिप्लोमैटिक एन्क्लेव के एक सूत्र के अनुसार, चीनी दूतावास को तहरीक-ए-तालिबान (टीटीपी) और बलूच आतंकवादियों से लगातार धमकियां मिल रही थीं।
सूत्र ने कहा कि इसलिए दूतावास ने बीजिंग के परामर्श से किसी भी दुर्घटना और घटना से बचने के लिए अपनी कांसुलर सेवाओं को निलंबित करने का फैसला किया। सूत्र ने यह भी खुलासा किया कि चीन शहबाज शरीफ के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार से खुश नहीं है क्योंकि चीनी नागरिकों और चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा (सीपीईसी) परियोजनाओं पर हमले बढ़ रहे हैं। सूत्र के अनुसार, बीजिंग ने कथित तौर पर कहा है, ‘अगर इस्लामाबाद हमारे नागरिकों, परियोजनाओं और हितों की रक्षा नहीं कर सकता है, तो हम रास्ता जानते हैं।’
चीनियों पर बढ़ रहे हमले
बीजिंग ने इस्लामाबाद को सूचित किया कि वह ‘गंभीर सुरक्षा स्थिति’ में काम और व्यवसाय नहीं कर सकता है क्योंकि पाकिस्तान में चीनी श्रमिकों को धमकी दी जा रही है और मार दिया जा रहा है। सूत्र ने कहा कि पिछले साल बीजिंग की यात्रा के दौरान पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शरीफ द्वारा आश्वासन दिए जाने के बावजूद चीन पाकिस्तान में सुरक्षित महसूस नहीं कर रहा है। बढ़ते सुरक्षा खतरों ने बीजिंग को कड़े कदम उठाने के लिए प्रेरित किया है, पाकिस्तान में दूतावास ने अपने नागरिकों, श्रमिकों और व्यापारियों को सुरक्षित रहने और जोखिम भरे क्षेत्रों से बचने के लिए सूचित किया है। धमकियों के बाद, अधिकांश चीनी परिवार पाकिस्तान भी छोड़ रहे हैं।
तालिबान राज में हुआ आतंक में इजाफा
दिसंबर 2022 में, ऑस्ट्रेलिया, सऊदी अरब, अमेरिका और ब्रिटेन ने दूतावास के कर्मचारियों को इस्लामाबाद आतंकी रेड अलर्ट के बीच आवाजाही को प्रतिबंधित करने की चेतावनी दी थी। काबुल के पतन के बाद से पाकिस्तान में आतंकवादी हमलों में 56 फीसदी की वृद्धि देखी गई है और हाल ही में पेशावर मस्जिद हमले ने पूरे देश को आतंकित कर दिया है।

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।