प्रधानमंत्री जी,हमारे भी मन की बात सुनो, देश के लिए पदक पर आप सम्मान करते हो,आज दुर्दशा पर आँखें क्यों मूँद लीं? 'पहलवान हुए भावुक, मोदी से माँगा समय
<p>Wrestlers Protest: <em>पिछले 4 दिनों से दिल्ली स्थित जंतर-मंतर पर धरना दे रहे पहलवानों ने प्रधानमंत्री मोदी से कहा - हमारे मन की बात सुनो। उन्होंने कहा कि वे हैरान हैं कि जब वे पदक जीतते हैं तो प्रधानमंत्री मोदी उनका सम्मान करते हैं, उन्हें घर बुलाते हैं और उनके साथ तस्वीरें खिंचवाते हैं लेकिन अब जब वे न्याय मांग रहे हैं तो उन्होंने उनकी दुर्दशा पर आंखें मूंद ली हैं। </em></p>
प्रधानमंत्री मोदी से माँगा समय
प्रदर्शनकारी पहलवानों ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से पूछा कि ‘‘आप हमारे मन की बात क्यों नहीं सुन रहे हैं?’’ और उनकी पार्टी के सांसद तथा भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) के प्रमुख बृजभूषण शरण सिंह पर लगे यौन उत्पीड़न के आरोपों पर चर्चा के लिए उनसे समय मांगा। पहलवानों ने आरोप लगाया है कि बीजेपी सांसद और कुश्ती संघ के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ दिल्ली पुलिस एफआईआर नहीं लिख रही है। विनेश फोगाट, साक्षी मलिक, बजरंग पूनिया समेत कई पहलवान 4 दिनों से दिल्ली स्थित जंतर-मंतर पर धरना दे रहे हैं। इनका आरोप है कि कुश्ती संघ के अध्यक्ष के खिलाफ पहलवानों की सुनवाई नहीं हो रही है। खिलाड़ियों का कहना है कि केंद्रीय खेलमंत्री अनुराग ठाकुर ने पिछली बार मध्यस्थता करके खिलाड़ियों को समझाया था, जिसके बाद धरना खत्म हो गया था, लेकिन इस बार अनुराग ठाकुर भी पहलवानों की सुध नहीं ले रहे हैं।
प्रधानमंत्री अपनी बेटियों के मन की बात सुनें
पहलवानों ने बुधवार को कहा कि था कि वे हैरान हैं कि जब वे पदक जीतते हैं तो प्रधानमंत्री मोदी उनका सम्मान करते हैं और उनके साथ तस्वीरें खिंचवाते हैं लेकिन अब जब वे न्याय मांग रहे हैं तो उन्होंने उनकी दुर्दशा पर आंखें मूंद ली हैं। रियो ओलंपिक खेलों की कांस्य पदक विजेता साक्षी मलिक ने मीडिया से कहा, ‘‘प्रधानमंत्री मोदी जी ‘बेटी बचाओ’ और ‘बेटी पढाओ’ के बारे में बात करते हैं और सबके ‘मन की बात’ सुनते हैं। क्या वे हमारे ‘मन की बात’ नहीं सुन सकते? जब हम पदक जीतते हैं तो वह हमें अपने घर आमंत्रित करते हैं और हमें बहुत सम्मान देते हैं और हमें अपनी बेटियां कहते हैं। आज हम उनसे अपील करते हैं कि वह हमारे ‘मन की बात’ सुनें।’’
यौन उत्पीड़न के आरोपों से घिरे बृजभूषण सिंह ने कहा ' आरोप निराधार '
उधर, बृजभूषण सिंह ने अपने ऊपर लगे आरोपों को निराधार बताया है और कहा कि मामला सुप्रीम कोर्ट में है, इसलिए कुछ नहीं बोलेंगे। देश के शीर्ष पहलवानों ने गंभीर आरोपों की जांच के लिए निगरानी समिति के गठन के बाद अपना धरना समाप्त करने के तीन महीने बाद रविवार को कुश्ती महासंघ के प्रमुख के खिलाफ अपना विरोध फिर से शुरू कर दिया। खेल मंत्रालय ने छह सदस्यीय निगरानी पैनल के निष्कर्षों को अभी तक सार्वजनिक नहीं किया है जिसने पांच अप्रैल को अपनी रिपोर्ट सौंप दी थी।
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