‘सर्वम शक्ति मयम’: शक्ति पीठों की यात्रा जो देगी आपके सवालों के जवाब
<p><em><strong>पिछले 2 दशकों से पर्दे पर सक्रिय दिग्गज अभिनेता संजय सूरी की नई वेब सीरीज ‘सर्वम शक्ति मयम’ ओटीटी प्लेटफॉर्म जी5 पर रिलीज हो चुकी है। एक्टर का मानना है कि इस सीरीज के जरिए शायद लोगों की जिदंगी से जुड़े कई सवालों के जवाब मिल सकते हैं।</strong></em></p>
मौजूदा दौर में ओटीटी प्लेटफॉर्म मनोरंजन का सबसे बड़ा साधन बनकर सामने आया है। जहां लोगों को घर बैठे नई-नई फिल्में और वेब सीरीज देखने का मौका मिलता है। वहीं, जब से वेब सीरीज का ट्रेंड आया है, तब से हमें एक से बढ़कर एक वेब सीरीज देखने को मिल रही है। इसी बीच दिग्गज अभिनेता संजय सूरी की एक नई वेब सीरीज ‘सर्वम शक्ति मयम’ जी5 पर रिलीज हुई है, जो शक्ति पीठों की यात्रा पर बेस्ड है।
शक्ति पीठों की अद्भुत यात्रा
संजय सूरी कहते हैं, ‘सर्वम शक्ति मयम’ एक यात्रा है, किरदारों की और शक्ति पीठों की। जो लोग अपनी निजी जिंदगी बिलकुल उलझे हुए हैं, या कुछ सवाल है या कुछ किसी तरह की समस्या है किसी को तो इस तरह के अलग-अलग लोग इस यात्रा से जुड़े हुए हैं। इसमें मेरा जो माधव सूरी का किरदार है, वो एक ऐसा इंसान का है, जो अपनी निजी जिंदगी में पूरी तरह से फंसा हुआ है अपने काम को लेकर, परिवार को लेकर और अपने रिश्तों के लेकर यानी उसने जैसा सोचा था अपनी जिंदगी को लेकर, वैसा उसके साथ बिलकुल नहीं हो पा रहा है। वह आगे कहते हैं, ‘वहीं, दूसरी ओर समीर सोनी जो एक विदेशी लेखक हैं और नास्तिक इंसान है, जिसने अपनी एक किताब निकाली है, जिसके लिए उसके मन में कई तरह के सवाल हैं। इसलिए वह भारत आया हुआ है और इस विषय पर वह कुछ रिसर्च करना चाहता है। इसी यात्रा के दौरान समीर की संजय से मुलाकात होती है और फिर चीजें कैसे बदलती हैं, वो सब इसमें दिखाया गया है।
नास्तिक लेखक के सवाल
संजय कहते हैं, ‘उस नास्तिक लेखक को इस यात्रा के दौरान अपने सवालों के जवाब मिल जाते हैं, फिर उस लेखक में काफी बदलाव भी आ जाते हैं। इस सीरीज में 18 शक्ति पीठ की यात्रा दिखाई गई है और इस सीरीज में दर्शक भी खुद इससे जोड़ पाएंगे। कहीं न कहीं इस यात्रा से पूरा जीवन का जो पूरी निचोड़ है वो मिल जाता है।’
जिंदगी की हर उलझन का हल
सीरीज में माधव का किरदार निभाने वाले संजय कहते हैं कि जब वो शक्ति पीठों की यात्रा कर रहा होता है तो उसे धीरे-धीरे अपने हर सवालों के जवाब मिलने लगते हैं। इस यात्रा के दौरान ही माधव के अपनी पत्नी और अपने बच्चों के साथ रिश्ते भी ठीक होने लगते हैं। संजय कहते हैं कि इस सीरीज की शूटिंग दौरान कई बार उन्हें पॉजिटिविटी का अहसास हुआ। संजय कहते हैं कि जब वह बनारस के घाटों पर बैठे रहते थे तो उन्हें अजीब सा अहसास भी होता था। उनका मानना है कि यह सीरीज लोगों को बेहद पसंद आएगी। उनका ये भी मानना है कि जब लोग इसे देखेंगे तो उनके भी कई सवासों के जवाब मिल सकते हैं, क्योंकि वे खुद इससे जुड़ा महसूस करने लगेंगे।
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