आचार्य देवव्रत महाराष्ट्र के नए राज्यपाल बने,लिया उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन का स्थान
आचार्य देवव्रत ने रविवार को मुंबई स्थित राजभवन में महाराष्ट्र के राज्यपाल के रूप में पद की शपथ ली। बंबई उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश चंद्रशेखर ने उन्हें पद की शपथ दिलाई। इस अवसर पर उन्होंने संस्कृत भाषा में शपथ ली। उन्हें राज्यपाल की जिम्मेदारी उसी समय दी गई जब भारत के नए उपराष्ट्रपति चुने जाने के बाद पूर्व राज्यपाल सी.पी. राधाकृष्णन..
मुंबई। आचार्य देवव्रत ने रविवार को मुंबई स्थित राजभवन में महाराष्ट्र के राज्यपाल के रूप में पद की शपथ ली। बंबई उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश चंद्रशेखर ने उन्हें पद की शपथ दिलाई। इस अवसर पर उन्होंने संस्कृत भाषा में शपथ ली। उन्हें राज्यपाल की जिम्मेदारी उसी समय दी गई जब भारत के नए उपराष्ट्रपति चुने जाने के बाद पूर्व राज्यपाल सी.पी. राधाकृष्णन ने अपना पद छोड़ा।
आचार्य देवव्रत — परिचय और पृष्ठभूमि
जन्म: 18 जनवरी 1959, समालखा, अब हरियाणा में।
शिक्षा: हिंदी व इतिहास में स्नातक और स्नातकोत्तर; योग विज्ञान में डिप्लोमा; प्राकृतिक चिकित्सा और योग विज्ञान में डॉक्टरेट की उपाधियाँ।
करियर: शिक्षण से शुरुआत, कुरुक्षेत्र के एक गुरुकुल के प्राचार्य रहे हैं।
गवर्नर पद: अगस्त 2015 से हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल; जुलाई 2019 से गुजरात के राज्यपाल; 2025 से महाराष्ट्र के अतिरिक्त राज्यपाल के रूप में नियुक्त।
सीपी राधाकृष्णन — नया उपराष्ट्रपति और उनका सफर
सी. पी. राधाकृष्णन को भारत का 15वाँ उपराष्ट्रपति चुना गया है। उन्होंने विपक्ष के उम्मीदवार बी. सुदर्शन रेड्डी को 452 मतों से 300 मतों के अंतर से हराया। शपथ ग्रहण समारोह 12 सितंबर 2025 को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु द्वारा राजभवन, नई दिल्ली में संपन्न हुआ।
अन्य घटनाएँ और रणनीतिक पहल
उन्होंने उपराष्ट्रपति बनने के बाद कहा कि लोकतंत्र की मजबूती केंद्र और राज्य सरकारों के तालमेल पर निर्भर करती है। अमित खरे को उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन का सचिव नियुक्त किया गया है, जो तीन वर्षीय अनुबंध पर इस पद को संभालेंगे।
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