अमित शाह ने माओवादियों से कहा, आत्मसमर्पण नीति अपनाएं, वार्ता का कोई सवाल नहीं

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को छत्तीसगढ़ के जगदलपुर में आयोजित ‘बस्तर दशहरा लोकोत्सव’ और ‘स्वदेशी मेला’ के दौरान स्पष्ट कहा कि माओवादियों के साथ किसी तरह की बातचीत नहीं होगी। उन्होंने कहा कि सरकार ने एक आकर्षक आत्मसमर्पण और पुनर्वास नीति बनाई है, और जो भी माओवादी हथियार छोड़ना चाहता है, वह इसका लाभ उठाकर..

अमित शाह ने माओवादियों से कहा, आत्मसमर्पण नीति अपनाएं, वार्ता का कोई सवाल नहीं
05-10-2025 - 08:26 AM

रायपुर। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को छत्तीसगढ़ के जगदलपुर में आयोजित ‘बस्तर दशहरा लोकोत्सवऔर ‘स्वदेशी मेलाके दौरान स्पष्ट कहा कि माओवादियों के साथ किसी तरह की बातचीत नहीं होगी। उन्होंने कहा कि सरकार ने एक आकर्षक आत्मसमर्पण और पुनर्वास नीति बनाई है और जो भी माओवादी हथियार छोड़ना चाहता है, वह इसका लाभ उठाकर मुख्यधारा में लौट आए।

शाह ने ऐलान किया कि 31 मार्च 2026 तक भारत को नक्सलमुक्त करने का लक्ष्य तय किया गया है। उन्होंने कहा, मैं अपने आदिवासी भाइयों-बहनों से कहना चाहता हूं कि अपने गांव के युवाओं को समझाइए, वे हथियार छोड़ें, हिंसा का रास्ता त्यागें और बस्तर के विकास का हिस्सा बनें।

गृह मंत्री शाह ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार दोनों बस्तर और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कहा, “बात करने जैसा कुछ नहीं है, नीति तैयार है, आओ आत्मसमर्पण करो।

उन्होंने चेतावनी दी कि जो हथियार उठाएंगे और शांति भंग करेंगे, उनके खिलाफ CRPF और छत्तीसगढ़ पुलिस कड़ी कार्रवाई करेगी। उन्होंने दृढ़ता के साथ कहा, “31 मार्च 2026 वह तारीख है जब हम देश से नक्सलवाद को विदा करेंगे।

उनके ये बयान तब आए जब प्रतिबंधित CPI (माओवादी) के नेता वेनुगोपाल उर्फ सोन्नू ने माओवादियों से हथियार छोड़ने की अपील की थी और तेलंगाना की कुछ सामाजिक संस्थाओं ने सरकार से संवाद की पहल करने को कहा था।

शाह ने मां दंतेश्वरी मंदिर में दर्शन किए और प्रार्थना की कि “अगले वर्ष मार्च तक सुरक्षा बल पूरे बस्तर को ‘लाल आतंक’ से मुक्त कर सकें।
उन्होंने कहा कि बस्तर के पिछड़ेपन का मुख्य कारण नक्सलवाद है, न कि विकास की कमी। शाह स्पष्ट तौर पर कहा, देश के हर कोने में बिजली, पानी, सड़कें, घर-घर शौचालय, ₹5 लाख तक का स्वास्थ्य बीमा और मुफ्त राशन पहुंच चुका है, लेकिन बस्तर वंचित है क्योंकि यहां नक्सलवाद ने जड़ें जमा ली थीं।

अमित शाह ने बताया कि छत्तीसगढ़ सरकार की आत्मसमर्पण नीति देश की सबसे बेहतर है, और केवल एक महीने में 500 से अधिक माओवादी आत्मसमर्पण कर चुके हैं।
उन्होंने कहा, “जैसे ही कोई गांव नक्सल मुक्त होता है, राज्य सरकार उस गांव को ₹1 करोड़ देती है।”

केंद्र सरकार के योगदान का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने पिछले 10 वर्षों में छत्तीसगढ़ को विकास कार्यों के लिए ₹4 लाख करोड़ से अधिक दिए हैं। 31 मार्च 2026 के बाद नक्सली आपके अधिकारों और विकास को नहीं रोक पाएंगे।”

उन्होंने जनता से आग्रह किया कि जो लोग नक्सलवाद के भ्रम में हैं, उन्हें समझाकर हिंसा का मार्ग छोड़ने को प्रेरित करें।

बस्तर की सांस्कृतिक विरासत की सराहना करते हुए शाह ने कहा कि यहां का 75 दिन तक चलने वाला दशहरा उत्सव दुनिया के सबसे लंबे और महत्वपूर्ण आयोजनों में से एक है।
उन्होंने ‘मुरिया दरबारको “लोकतांत्रिक मूल्यों, संवाद और जनभागीदारी का जीवंत उदाहरण” बताया और कहा कि हर भारतीय को इसे देखना चाहिए।

स्वदेशी उत्पादोंको अपनाने का आह्वान करते हुए शाह ने कहा, अगर भारत के 140 करोड़ लोग स्वदेशी का संकल्प लें, तो कोई ताकत हमें विश्व की सबसे बड़ी आर्थिक शक्ति बनने से नहीं रोक सकती।”

उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने 365 वस्तुओं पर GST घटाकर महिलाओं को राहत दी है, और रोजमर्रा की जरूरत की चीज़ों पर टैक्स सिर्फ 5% रखा है।

कार्यक्रम में शाह ने राज्य की महतारी वंदन योजना” की 20वीं किस्त के तहत करीब 65 लाख महिला लाभार्थियों के खातों में ₹606.94 करोड़ की राशि ट्रांसफर की।
साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवा योजना” का शुभारंभ किया, जो मुख्य रूप से बस्तर और सरगुजा जैसे आदिवासी बहुल इलाकों में संचालित होगी।

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।