बांग्लादेश की T20 वर्ल्ड कप मैच भारत से बाहर कराने की मांग पर BCCI सचिव देवजीत सैकिया की प्रतिक्रिया: ‘यह हमारे दायरे में नहीं’
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने कहा है कि आगामी T20 वर्ल्ड कप में बांग्लादेश द्वारा अपने मैच भारत से बाहर कराने की मांग उसके अधिकार क्षेत्र (डोमेन) में नहीं आती। इससे संकेत मिलता है कि इस मामले पर अंतिम फैसला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ही..
नयी दिल्ली। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने कहा है कि आगामी T20 वर्ल्ड कप में बांग्लादेश द्वारा अपने मैच भारत से बाहर कराने की मांग उसके अधिकार क्षेत्र (डोमेन) में नहीं आती। इससे संकेत मिलता है कि इस मामले पर अंतिम फैसला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ही लेगी।
बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) ने ICC को कई बार पत्र लिखकर अनुरोध किया है कि आगामी T20 वर्ल्ड कप में उनके मैच भारत के बजाय श्रीलंका में कराए जाएं। BCB ने इस मांग के पीछे सुरक्षा कारणों का हवाला दिया है और यह भी कहा है कि यह मुद्दा अब बोर्ड के लिए ‘राष्ट्रीय गरिमा’ का विषय बन गया है।
बांग्लादेश की यह मांग उस समय सामने आई जब उसके स्टार गेंदबाज मुस्ताफिजुर रहमान को BCCI के निर्देशों के बाद कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) ने रिलीज कर दिया। बांग्लादेश में हिंदुओं पर बढ़ते हमलों के बीच रहमान को रिलीज किए जाने का मामला धीरे-धीरे एक बड़े विवाद में बदल गया।
सवाल टाल गए BCCI सचिव
BCCI के शीर्ष पदाधिकारियों ने शुक्रवार को मुंबई में बैठक की, जिसमें बोर्ड के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) में चल रही गतिविधियों की समीक्षा की गई और खासतौर पर युवा क्रिकेट से जुड़े अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। इस बैठक में BCCI सचिव देवजीत सैकिया के अलावा अध्यक्ष मिथुन मन्हास, उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला और CoE में क्रिकेट प्रमुख वीवीएस लक्ष्मण भी मौजूद थे।
बैठक के बाद जब देवजीत सैकिया से बांग्लादेश के भारत न आने और अपने मैच बाहर कराने की मांग पर सवाल किया गया, तो उन्होंने इसे भारतीय बोर्ड के दायरे से बाहर का मामला बताया।
पीटीआई के हवाले से सैकिया ने कहा,
“यह बैठक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और अन्य क्रिकेट से जुड़े मामलों को लेकर थी। इस विषय पर बात करना हमारे अधिकार क्षेत्र में नहीं आता।”
उधर, बांग्लादेश सरकार ने—जिसका नेतृत्व खेल सलाहकार आसिफ नज़रुल कर रहे हैं—कड़ा रुख अपनाते हुए साफ कर दिया है कि उनकी क्रिकेट टीम भारत की यात्रा नहीं करेगी। हालांकि, BCB के भीतर एक ऐसा गुट भी है जो नरम रुख अपनाने और कोई अंतिम फैसला लेने से पहले आगे की बातचीत के पक्ष में है।
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