‘राष्ट्रीय संपत्ति, आतंक के खिलाफ ढाल’: अमित शाह ने IED ट्रैकिंग सिस्टम NIDMS किया लॉन्च

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को नेशनल आईईडी डेटा मैनेजमेंट सिस्टम (NIDMS) का शुभारंभ किया और इसे आतंकवाद के खिलाफ भारत की लड़ाई में एक “ढाल” और “राष्ट्रीय संपत्ति” बताया..

‘राष्ट्रीय संपत्ति, आतंक के खिलाफ ढाल’: अमित शाह ने IED ट्रैकिंग सिस्टम NIDMS किया लॉन्च
10-01-2026 - 09:53 AM

नयी दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को नेशनल आईईडी डेटा मैनेजमेंट सिस्टम (NIDMS) का शुभारंभ किया और इसे आतंकवाद के खिलाफ भारत की लड़ाई में एक “ढाल” और “राष्ट्रीय संपत्ति” बताया। यह अपनी तरह का पहला डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जिसका उद्देश्य इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED) हमलों से जुड़ी खुफिया जानकारी साझा करने, जांच को मजबूत करने और रोकथाम की क्षमता बढ़ाने का है। इस प्रणाली को नेशनल सिक्योरिटी गार्ड (NSG) ने विकसित किया है और इसे मानेसर स्थित NSG परिसर से वर्चुअल माध्यम से लॉन्च किया गया।

IED को ट्रैक करने के लिए एकीकृत डेटाबेस
यह प्रणाली बिखरे हुए रिकॉर्ड-कीपिंग से हटकर एक एकीकृत राष्ट्रीय डेटाबेस की ओर कदम है। इसके तहत IED विस्फोटों, बरामदगी और उनसे जुड़ी जांच का पूरा विवरण एक सुरक्षित, रियल-टाइम डिजिटल इंटरफेस पर उपलब्ध होगा, जिसे अधिकृत एजेंसियां एक्सेस कर सकेंगी। अब तक IED घटनाओं से जुड़ा डेटा राज्य पुलिस इकाइयों और केंद्रीय एजेंसियों में अलग-अलग बिखरा रहता था, जिससे बड़े पैटर्न पहचानने में दिक्कत आती थी। नया सिस्टम इन कमियों को दूर करेगा और राज्य पुलिस बलों, एंटी-टेररिस्ट स्क्वॉड, केंद्रीय सशस्त्र बलों और राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) जैसी केंद्रीय एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करेगा।

खुफिया-आधारित आतंक रोधी क्षमता को बढ़ावा
लॉन्च के दौरान अमित शाह ने कहा कि NIDMS एजेंसियों को व्यापक डेटा उपलब्ध कराएगा, जिससे विभिन्न प्रकार के बम धमाकों के पैटर्न और कार्यप्रणाली (मोडस ऑपरेंडी) का विश्लेषण किया जा सकेगा और रोकथाम व जांच की क्षमता मजबूत होगी। अधिकारियों के अनुसार, यह प्लेटफॉर्म विस्फोटक सामग्री को ट्रैक करने, अलग-अलग राज्यों में हुई घटनाओं को आपस में जोड़ने और तेज़, खुफिया-आधारित कार्रवाई में अहम भूमिका निभाएगा। एक जांच से मिले इनपुट अब तुरंत देश के किसी भी हिस्से में चल रहे अभियानों में इस्तेमाल किए जा सकेंगे।

IED आतंक के खिलाफ डेटा-आधारित रणनीति
IED आतंकवादी संगठनों और उग्रवादी समूहों द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले सबसे आम हथियारों में से एक हैं, जिनका निशाना अक्सर सुरक्षा बल और आम नागरिक बनते हैं। सरकार का मानना है कि डेटा-आधारित दृष्टिकोण से आतंकवादी नेटवर्क के संचालन के तरीकों को समझने और भविष्य के हमलों को विफल करने में मदद मिलेगी। जांच के अलावा, यह प्रणाली फॉरेंसिक मानकों को बेहतर बनाने और बम निरोधक दस्तों के प्रशिक्षण में भी सहायक होगी। उभरते खतरे के पैटर्न के अनुसार इसे लगातार अपडेट किया जाएगा और भविष्य में इसमें उन्नत विश्लेषणात्मक टूल भी जोड़े जाएंगे।

NIDMS की शुरुआत को भारत की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है, जिसमें समन्वय, रोकथाम और तकनीक आधारित खुफिया जानकारी पर विशेष जोर दिया गया है।

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।