बांग्लादेश हाई कोर्ट ने अदाणी समूह को सिंगापुर में अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता से रोका, BPDB विवाद की जांच पूरी होने तक रोक

बांग्लादेश हाई कोर्ट ने गुरुवार को भारत के अदाणी समूह को आदेश दिया है कि वह सिंगापुर में प्रस्तावित अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता प्रक्रिया को तब तक आगे न बढ़ाए, जब तक कि राज्य संचालित बांग्लादेश पावर डेवलपमेंट बोर्ड (BPDB) के साथ भुगतान विवाद से जुड़े बिजली आपूर्ति समझौते की जांच पूरी नहीं हो जाती..

बांग्लादेश हाई कोर्ट ने अदाणी समूह को सिंगापुर में अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता से रोका, BPDB विवाद की जांच पूरी होने तक रोक
21-11-2025 - 10:37 AM

ढाका। बांग्लादेश हाई कोर्ट ने गुरुवार को भारत के अदाणी समूह को आदेश दिया है कि वह सिंगापुर में प्रस्तावित अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता प्रक्रिया को तब तक आगे न बढ़ाए, जब तक कि राज्य संचालित बांग्लादेश पावर डेवलपमेंट बोर्ड (BPDB) के साथ भुगतान विवाद से जुड़े बिजली आपूर्ति समझौते की जांच पूरी नहीं हो जाती।

अदालत अधिकारियों के अनुसार, दो-जजों की पीठ ने आदेश दिया कि मध्यस्थता प्रक्रिया तब तक निलंबित रहेगी, जब तक अदालत द्वारा गठित समिति बिजली खरीद समझौते (PPA) की पूरी जांच कर अपनी रिपोर्ट पेश नहीं करती।

विवाद कैसे शुरू हुआ?

यह आदेश एक वकील द्वारा दायर याचिका के बाद आया है, जिसमें BPDB और अदाणी के बीच हुए समझौते की समीक्षा की मांग की गई थी, और इसे पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के शासन में किया गया “एकतरफा समझौता” बताया गया।

याचिका में कहा गया कि अदाणी की बिजली की कीमत क्षेत्र के अन्य स्रोतों की तुलना में कहीं अधिक है..

  • भारत की सरकारी कंपनियाँ: 5.5 टका प्रति यूनिट
  • भारत की निजी कंपनियाँ: 8.5 टका प्रति यूनिट
  • नेपाल से बिजली: 8 टका प्रति यूनिट
  • अदाणी की बिजली: 14 टका से अधिक प्रति यूनिट

BPDB–अदाणी बातचीत जारी

हाई कोर्ट का यह आदेश ऐसे समय आया है, जब BPDB और अदाणी समूह अब भी भुगतान विवादों पर बातचीत कर रहे हैं।

बांग्लादेश की अंतरिम सरकार (प्रोफेसर मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व में) ने पहले अदाणी पर आरोप लगाया था कि उसने भारत में गोड्डा प्लांट को मिले टैक्स लाभों को साझा नहीं करके पावर परचेज एग्रीमेंट का उल्लंघन किया है।

वित्त वर्ष 2023–24 में बांग्लादेश ने अदाणी को 14.87 टका प्रति यूनिट का टैरिफ दिया, जो अन्य भारतीय कंपनियों द्वारा आपूर्ति की गई बिजली के औसत 9.57 टका प्रति यूनिट से काफी अधिक है।

अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता का विवाद

अदाणी पावर ने इस महीने की शुरुआत में घोषणा की थी कि वह भुगतान विवादों को सुलझाने के लिए अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता का रास्ता अपनाएगा, क्योंकि BPDB के साथ 2017 के अनुबंध के तहत सप्लाई की गई बिजली के बकाया भुगतान पर सहमति नहीं बन पा रही है।

अदाणी समूह के प्रवक्ता ने कहा था, कुछ लागत तत्वों की गणना और बिलिंग को लेकर मतभेद हैं। इसलिए दोनों पक्षों ने विवाद निवारण प्रक्रिया को लागू करने पर सहमति जताई है और एक त्वरित तथा पारस्परिक रूप से लाभकारी समाधान को लेकर आश्वस्त हैं।”

बांग्लादेश के ऊर्जा सलाहकार (ऊर्जा मंत्री के समकक्ष) मुहम्मद फौज़ुल कबीर खान ने भी कहा था कि बातचीत जारी है, लेकिन जरूरत पड़ने पर अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता पर विचार किया जा सकता है।

याचिकाकर्ता ने मध्यस्थता पर रोक क्यों मांगी?

सुप्रीम कोर्ट के वकील अब्दुल क़ैयूम ने हाई कोर्ट से अपील की कि अदाणी को मध्यस्थता प्रक्रिया शुरू करने से रोका जाए। उन्होंने कहा, अगर अदाणी जांच रिपोर्ट आने से पहले सिंगापुर में मध्यस्थता शुरू कर देता है, तो जांच का महत्व खत्म हो जाएगा। इस समझौते में कई अनियमितताएं हुई हैं, इसलिए हमने अदालत से रोक लगाने की मांग की।”

अदाणी पावर की भूमिका

अदाणी पावर पूर्वी भारत में स्थित 1,600 मेगावाट गोड्डा कोयला आधारित पावर प्लांट से बांग्लादेश को बिजली आपूर्ति करता है, जो देश की कुल बिजली जरूरतों का लगभग 10 प्रतिशत पूरा करता है।

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।