क्या कांग्रेस दोहरा रही है बालाकोट की गलती? खड़गे और राहुल गांधी के ‘ऑपरेशन सिंदूर’ बयान से पार्टी में हलचल

कांग्रेस के दो शीर्ष नेताओं राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और सांसद राहुल गांधी के हालिया बयान से पार्टी के भीतर असंतोष और भ्रम की स्थिति पैदा हो गई है। इन बयानों को लेकर यह सवाल उठने लगे हैं कि क्या कांग्रेस एक बार फिर 2019 के बालाकोट एयरस्ट्राइक के बाद जैसी राजनीतिक भूल दोहरा रही ..

क्या कांग्रेस दोहरा रही है बालाकोट की गलती? खड़गे और राहुल गांधी के ‘ऑपरेशन सिंदूर’ बयान से पार्टी में हलचल
21-05-2025 - 07:10 AM

नयी दिल्ली। कांग्रेस के दो शीर्ष नेताओं राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और सांसद राहुल गांधी  के हालिया बयान से पार्टी के भीतर असंतोष और भ्रम की स्थिति पैदा हो गई है। इन बयानों को लेकर यह सवाल उठने लगे हैं कि क्या कांग्रेस एक बार फिर 2019 के बालाकोट एयरस्ट्राइक के बाद जैसी राजनीतिक भूल दोहरा रही है, जिसने पार्टी को चुनाव में भारी नुकसान पहुंचाया था।

खड़गे का आरोप: “PM को थी हमले की जानकारी”

बेंगलुरु में कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को कश्मीर में आतंकी हमले की खुफिया जानकारी पहले से थी, लेकिन उन्होंने अपनी यात्रा रद्द कर दी, जबकि पहलगाम में 26 पर्यटकों की जान चली गई।
उन्होंने सरकार को सीधे तौर पर इन मौतों का ज़िम्मेदार ठहराया।

खड़गे ने एक और विवादास्पद बयान में भारत द्वारा किए गए जवाबी सैन्य अभियान ऑपरेशन सिंदूर” को छोटी जंग” कह दिया, एक ऐसी भाषा जो काफी हद तक पाकिस्तान के आधिकारिक बयान से मेल खाती है, जिसमें कहा गया था कि भारत ने युद्ध नहीं किया, बल्कि उसे खुद ज़्यादा नुकसान हुआ।

राहुल गांधी और पवन खेड़ा के तीखे सवाल

राहुल गांधी ने ऑपरेशन सिंदूर को लेकर प्रधानमंत्री पर सवाल दागे, पाकिस्तान ने कितने भारतीय विमान गिराए?” वहीं कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने विदेश मंत्री एस. जयशंकर पर निजी हमला करते हुए उन्हें सिंदूर का सौदागर” और पाकिस्तान का मुखबिर” तक कह दिया।

कांग्रेस के भीतर बढ़ता असंतोष

इन बयानों से जहां बीजेपी को कांग्रेस पर हमला करने का मौका मिल गया है, वहीं कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता खासकर वे जो 2025 और 2026 के विधानसभा चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं, इन टिप्पणियों से नाराज़ और चिंतित हैं।

एक वरिष्ठ नेता, जो ऑपरेशन सिंदूर पर बुलाई गई पार्टी बैठक में शामिल थे, ने कहा, सरकार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहने का निर्णय स्वागत योग्य था, लेकिन अब लगता है कि वह रुख जल्दबाज़ी में बदल दिया गया।”

बालाकोट जैसी रणनीतिक भूल दोहराने की आशंका

2019 में बालाकोट एयरस्ट्राइक के बाद जब कांग्रेस नेताओं ने सबूत मांगने और सर्जिकल स्ट्राइक पर संदेह जताने वाले बयान दिए थे, तो पार्टी को चुनाव में भारी नुकसान हुआ था। उस समय भी पार्टी के भीतर से चेतावनी दी गई थी कि ऐसे बयान राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दों पर जनता के साथ कांग्रेस की दूरी बढ़ाते हैंअब एक बार फिर वैसा ही माहौल बनता दिख रहा है।

2014 से उल्टा हमला करने की रणनीति, लेकिन असफलता?

कांग्रेस नेतृत्व अब 2014 के बीजेपी नैरेटिव को उसी पर पलटने की रणनीति अपना रहा है। उस समय बीजेपी ने यूपीए को आतंकवाद पर नरम और तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को कमज़ोर बताया था। अब कांग्रेस यही आरोप मोदी सरकार पर लगाने की कोशिश कर रही है। लेकिन, यह रणनीति अभी तक फलीभूत नहीं हो रहीराहुल गांधी अतीत में भी ऐसे विवादास्पद बयान देकर पार्टी को संकट में डाल चुके हैं जैसे..

  • 2021 में बालाकोट ऑपरेशन की जानकारी लीक होने का आरोप
  • चीन के मुद्दे पर सेना प्रमुख के बयान का गलत हवाला देना

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।