DRDO ने ओडिशा में 'प्रलय' मिसाइल के लगातार दो सफल परीक्षण किए

रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) ने 28 और 29 जुलाई को ओडिशा के तट से डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम द्वीप से ‘प्रलय’ मिसाइल के दो सफल उड़ान परीक्षण..

DRDO ने ओडिशा में 'प्रलय' मिसाइल के लगातार दो सफल परीक्षण किए
30-07-2025 - 09:50 AM

नयी दिल्ली। रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) ने 28 और 29 जुलाई को ओडिशा के तट से डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम द्वीप से ‘प्रलय’ मिसाइल के दो सफल उड़ान परीक्षण किए। मंगलवार को DRDO ने इस संबंध में आधिकारिक बयान जारी किया।

ये परीक्षण उपयोगकर्ता मूल्यांकन परीक्षण (User Evaluation Trials) के तहत किए गए, जिनका उद्देश्य इस मिसाइल प्रणाली की न्यूनतम और अधिकतम मारक क्षमता को परखना था। मिसाइलों ने अपने निर्धारित मार्ग का सटीकता से पालन किया और लक्ष्य को पूर्ण सटीकता (pin-point accuracy) के साथ भेदा, जिससे सभी परीक्षण उद्देश्यों को सफलतापूर्वक प्राप्त किया गया।

परीक्षण के दौरान सभी सबसिस्टम्स ने अपेक्षा के अनुरूप प्रदर्शन किया, जिसकी पुष्टि विभिन्न ट्रैकिंग सेंसरों से मिली जानकारी से हुई। इन सेंसरों को एकीकृत परीक्षण रेंज (ITR) द्वारा तैनात किया गया था, जिनमें जहाजों पर लगे यंत्र भी शामिल थे जो लक्षित प्रभाव क्षेत्र के पास तैनात थे।

प्रलय मिसाइल की विशेषताएं:

  • स्वदेशी रूप से विकसित ठोस ईंधन चालित (solid propellant) क्वासी-बैलिस्टिक मिसाइल है।
  • अत्याधुनिक गाइडेंस और नेविगेशन प्रणाली से लैस है, जो इसे उच्च सटीकता प्रदान करती है।
  • यह मिसाइल विभिन्न प्रकार के वॉरहेड ले जाने में सक्षम है और विविध लक्ष्यों पर हमला कर सकती है।

प्रलय मिसाइल प्रणाली का निर्माण
इसे रिसर्च सेंटर इमारत (RCI) ने DRDO की अन्य प्रयोगशालाओं के सहयोग से विकसित किया है, जिनमें शामिल हैं..

  • डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट लेबोरेटरी
  • एडवांस्ड सिस्टम्स लेबोरेटरी
  • आर्मामेंट रिसर्च एंड डेवलपमेंट एस्टैब्लिशमेंट
  • हाई एनर्जी मैटेरियल्स रिसर्च लेबोरेटरी
  • डिफेंस मेटलर्जिकल रिसर्च लेबोरेटरी
  • टर्मिनल बैलिस्टिक्स रिसर्च लेबोरेटरी
  • R&D एस्टैब्लिशमेंट (इंजीनियर्स)
  • और ITR

इसके साथ ही भारत डायनामिक्स लिमिटेड (BDL), भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) तथा अन्य औद्योगिक भागीदारों और MSMEs ने भी इसका निर्माण और विकास किया है।

रक्षा मंत्री और DRDO प्रमुख की प्रतिक्रिया
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने DRDO, सशस्त्र बलों और उद्योग जगत को इस सफलता के लिए बधाई दी और कहा कि आधुनिक तकनीक से युक्त यह मिसाइल प्रणाली सशस्त्र बलों की क्षमता में उल्लेखनीय बढ़ोतरी करेगी।
वहीं, रक्षा अनुसंधान विभाग के सचिव और DRDO प्रमुख डॉ. समीर वी. कामत ने इसे सिस्टम के पहले चरण के परीक्षणों की सफल समाप्ति बताते हुए कहा कि इससे जल्द ही इसे सशस्त्र बलों में शामिल करने का रास्ता साफ हो गया है।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow

THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।