राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू राफेल लड़ाकू विमान में उड़ान भरने वाली पहली भारतीय राष्ट्रपति..!
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू मंगलवार, 29 अक्टूबर को हरियाणा के अंबाला वायुसेना स्टेशन पर भारतीय वायुसेना के राफेल लड़ाकू विमान में उड़ान भरेंगी। इस ऐतिहासिक मौके के साथ वे राफेल में उड़ान भरने वाली भारत की पहली राष्ट्रपति बन जाएंगी..
नयी दिल्ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू बुधवार, 29 अक्टूबर को हरियाणा के अंबाला वायुसेना स्टेशन पर भारतीय वायुसेना के राफेल लड़ाकू विमान में उड़ान भरेंगी। इस ऐतिहासिक मौके के साथ वे राफेल में उड़ान भरने वाली भारत की पहली राष्ट्रपति बन जाएंगी।
राष्ट्रपति भवन की ओर से जारी बयान में कहा गया, “भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू कल (29 अक्टूबर, 2025) हरियाणा के अंबाला जाएंगी, जहां वे भारतीय वायुसेना के राफेल विमान में सॉर्टी (उड़ान) भरेंगी। इससे पहले 8 अप्रैल 2023 को राष्ट्रपति ने असम के तेजपुर वायुसेना स्टेशन पर सुखोई-30 एमकेआई लड़ाकू विमान में उड़ान भरी थी।”
यह उनकी अंबाला एयरबेस की पहली यात्रा होगी, जो भारतीय वायुसेना के सबसे पुराने ठिकानों में से एक है और जहां फ्रांसीसी निर्मित राफेल विमान तैनात हैं।
राष्ट्रपति की यह यात्रा पहले 18 अक्टूबर को तय थी, लेकिन कुछ कारणों से उसे स्थगित करना पड़ा था।
2023 में सुखोई-30MKI में भरी थी उड़ान
राष्ट्रपति मुर्मू ने 8 अप्रैल 2023 को असम के तेजपुर वायुसेना स्टेशन पर सुखोई-30MKI लड़ाकू विमान में ऐतिहासिक उड़ान भरी थी।
उन्होंने लगभग 30 मिनट की यह उड़ान भूटान सीमा के पास ब्रह्मपुत्र और तेजपुर घाटी के ऊपर भरते हुए पूरी की थी, जिसमें उन्हें हिमालय पर्वत श्रृंखला का नज़ारा भी देखने को मिला।
इस उड़ान का संचालन ग्रुप कैप्टन नवीन कुमार, कमांडिंग ऑफिसर, 106 स्क्वाड्रन ने किया था। विमान लगभग दो किलोमीटर की ऊँचाई पर और करीब 800 किमी/घंटा की रफ्तार से उड़ा था। राष्ट्रपति मुर्मू देश की तीसरी राष्ट्रपति और दूसरी महिला राष्ट्रपति हैं जिन्होंने इस तरह की सॉर्टी की है।
पूर्व राष्ट्रपतियों की परंपरा
राष्ट्रपति मुर्मू से पहले डॉ एपीजे अब्दुल कलाम और प्रतिभा देवीसिंह पाटिल भी भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमानों में उड़ान भर चुके हैं।
सुखोई उड़ान के बाद राष्ट्रपति मुर्मू ने विज़िटर्स बुक में लिखा था, “भारतीय वायुसेना के शक्तिशाली सुखोई-30 एमकेआई में उड़ान भरना मेरे लिए रोमांचक अनुभव था। यह गर्व का विषय है कि भारत की रक्षा क्षमता अब भूमि, वायु और समुद्र तीनों मोर्चों पर मजबूत हो चुकी है।” उन्होंने कहा, “मैं भारतीय वायुसेना और तेजपुर वायुसेना स्टेशन की पूरी टीम को इस सॉर्टी के उत्कृष्ट आयोजन के लिए बधाई देती हूं।”
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