पूर्व CJI चंद्रचूड़ के सरकारी बंगले में तय सीमा से अधिक समय तक ठहरने पर, सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को लिखा पत्र..!
सुप्रीम कोर्ट प्रशासन ने पूर्व मुख्य न्यायाधीश डी. वाई. चंद्रचूड़ के सरकारी आवास से तय समयसीमा के बाद भी न हटने पर केंद्र सरकार को पत्र लिखते हुए 5, कृष्णा मेनन मार्ग स्थित बंगले को तुरंत खाली करवाने की मांग..
नयी दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट प्रशासन ने पूर्व मुख्य न्यायाधीश डी. वाई. चंद्रचूड़ के सरकारी आवास से तय समयसीमा के बाद भी न हटने पर केंद्र सरकार को पत्र लिखते हुए 5, कृष्णा मेनन मार्ग स्थित बंगले को तुरंत खाली करवाने की मांग की है। यह वही आधिकारिक आवास है जो मुख्य न्यायाधीश को उनके कार्यकाल के दौरान आवंटित किया जाता है।
क्या है मामला?
- न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ 10 नवंबर 2024 को सेवानिवृत्त हुए थे।
- सरकारी नियमों के अनुसार, सेवा में रहते मुख्य न्यायाधीश को Type VIII बंगला मिलता है, जबकि रिटायरमेंट के बाद Type VII बंगले में 6 महीने तक बिना किराए के रहने की अनुमति होती है।
- लेकिन पूर्व CJI अब तक Type VIII बंगले में रह रहे हैं, यानी रिटायरमेंट के 8 महीने बाद तक।
सुप्रीम कोर्ट प्रशासन की चिंता
सुप्रीम कोर्ट में वर्तमान में 33 न्यायाधीश हैं जबकि अधिकृत संख्या 34 है। इनमें से चार न्यायाधीशों को अब तक आवास नहीं मिला है..
- तीन ट्रांजिट अपार्टमेंट में रह रहे हैं,
- एक राज्य अतिथि गृह में ठहरे हुए हैं।
इसलिए सुप्रीम कोर्ट ने 5, कृष्णा मेनन मार्ग स्थित बंगले को शीघ्र उपलब्ध कराने के लिए केंद्र को पत्र लिखा है..
❝ मैं अनुरोध करता हूं कि बंगला संख्या 5, कृष्णा मेनन मार्ग का कब्ज़ा Hon'ble डॉ. जस्टिस डी. वाई. चंद्रचूड़ से तत्काल लिया जाए क्योंकि उन्हें दी गई अनुमति 31 मई 2025 को समाप्त हो चुकी है और नियम 3B (2022 नियमों) के तहत 6 महीने की अधिकतम अवधि भी 10 मई 2025 को समाप्त हो चुकी है। ❞
— सुप्रीम कोर्ट प्रशासन द्वारा मंत्रालय को भेजा गया पत्र
पूर्व CJI चंद्रचूड़ की सफाई
न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ ने कहा कि..
- "मैं जानबूझकर नहीं रुका हूं लेकिन मेरी बेटियों की विशेष ज़रूरतें हैं इसलिए मुझे ऐसी जगह चाहिए जो उपयुक्त हो।"
- "मैं फरवरी से होटल, सर्विस अपार्टमेंट्स की तलाश में हूं, लेकिन कोई भी विकल्प काम नहीं आया।"
- "28 अप्रैल को मैंने CJI संजीव खन्ना को पत्र लिखकर 30 जून तक ठहरने की अनुमति मांगी थी, लेकिन जवाब नहीं मिला।"
- "मैंने CJI बी. आर. गवई से भी बात की थी और आश्वासन दिया कि जैसे ही मरम्मत पूरा होगा, मैं शिफ्ट हो जाऊंगा।"
कब-कब मांगी गई थी अनुमति?
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तारीख |
मांग/विस्तार |
स्वीकृति |
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11 दिसंबर 2024 – 30 अप्रैल 2025 |
पूर्व CJI ने पत्र भेजकर ठहरने की अनुमति मांगी |
CJI संजीव खन्ना ने सहमति दी, ₹5,430 मासिक लाइसेंस शुल्क पर |
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मई 2025 |
मौखिक रूप से एक महीने का और विस्तार |
सुप्रीम कोर्ट ने "यह अंतिम होगा" कहकर स्वीकृति दी |
लेकिन 31 मई 2025 के बाद कोई विस्तार नहीं दिया गया।
अब क्या स्थिति है?
- सरकार ने उन्हें किराए पर एक नया बंगला आवंटित किया है, लेकिन वह पिछले दो साल से इस्तेमाल में नहीं था, इसलिए मरम्मत चल रही है।
- न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ ने कहा, “मेरे सामान पैक हैं, जैसे ही मरम्मत पूरी होती है, मैं तुरंत शिफ्ट हो जाऊंगा। मुझे ज़्यादा रुकने में कोई रुचि नहीं है।”
महत्वपूर्ण नियम और बिंदु
- Type VIII बंगला – केवल सेवा में रहने वाले मुख्य न्यायाधीश को मिलता है।
- Type VII बंगला – सेवानिवृत्ति के बाद 6 महीने तक रहने की छूट।
- Rule 3B of 2022 Rules – इस अवधि के बाद विस्तार की अनुमति नहीं।
टिप्पणी
पूर्व CJI चंद्रचूड़ का सरकारी बंगले में रुकना अब नियमों के विरुद्ध माना जा रहा है और सुप्रीम कोर्ट ने अब सीधे केंद्र सरकार से दखल देकर कब्जा वापस लेने की मांग की है। यह मामला न केवल न्यायपालिका की पारदर्शिता और अनुशासन से जुड़ा है बल्कि यह सवाल भी उठाता है कि संवेदनशील प्रशासनिक व्यवस्थाओं में मानवीय परिस्थितियों को कैसे संतुलित किया जाए।
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