ईरान के परमाणु ठिकाने 'संपूर्ण रूप से नष्ट नहीं हुए': अमेरिकी खुफिया रिपोर्ट ने ट्रंप और नेतन्याहू के दावों को नकारा
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इज़राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने दावा किया था कि अमेरिका और इज़राइल की संयुक्त सैन्य कार्रवाई से ईरान के परमाणु कार्यक्रम को वर्षों पीछे धकेल दिया गया है..
वॉशिंगटन/तेहरान/यरुशलम। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इज़राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने दावा किया था कि अमेरिका और इज़राइल की संयुक्त सैन्य कार्रवाई से ईरान के परमाणु कार्यक्रम को वर्षों पीछे धकेल दिया गया है। लेकिन, अमेरिकी रक्षा खुफिया एजेंसी (DIA) की प्रारंभिक रिपोर्ट ने इन दावों को खारिज कर दिया है।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिकी खुफिया रिपोर्ट में कहा गया है कि ईरान के परमाणु ठिकाने "अभी भी सुरक्षित" हैं और हमलों से उन्हें सिर्फ कुछ महीनों का ही नुकसान हुआ है, न कि वर्षों का।
कहां-कहां हुआ हमला?
अमेरिका और इज़राइल ने शनिवार को ईरान के तीन प्रमुख परमाणु स्थलों.. फोर्डो, नतांज़ और इस्फहान पर हवाई हमले किए। इनका उद्देश्य ईरान के परमाणु कार्यक्रम को रोकना था, जिसे दोनों देश परमाणु हथियार बनाने की दिशा में खतरा मानते हैं।
हालांकि, ईरान ने इन दावों को पूरी तरह अस्वीकार कर दिया है।
DIA रिपोर्ट का निष्कर्ष
रिपोर्टों के अनुसार, DIA की प्रारंभिक आकलन रिपोर्ट सोमवार को जारी हुई, जिसमें कहा गया:
- हमलों में महत्वपूर्ण क्षति हुई, लेकिन परमाणु संयंत्र पूरी तरह नष्ट नहीं हुए।
- ईरान ने हवाई हमलों से पहले ही कुछ उच्च संवर्धित यूरेनियम को अन्यत्र स्थानांतरित कर दिया था।
- सेंट्रीफ्यूज (centrifuges) अभी भी काफी हद तक सुरक्षित और चालू हालत में हैं।
- फोर्डो स्थल पर प्रवेश द्वार ढह गया और कुछ सतही संरचनाएं नष्ट हुईं, लेकिन भूमिगत प्रणाली को गंभीर नुकसान नहीं हुआ।
एक अधिकारी ने CNN से कहा, "हमने ईरान के कार्यक्रम को केवल कुछ महीनों के लिए पीछे धकेला है, इससे ज्यादा नहीं।"
व्हाइट हाउस का जवाब
व्हाइट हाउस ने DIA की रिपोर्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए इसे “पूरी तरह गलत” बताया। प्रेस सचिव कैरोलिन लीविट ने कहा, “यह रिपोर्ट लीक कर राष्ट्रपति ट्रंप को बदनाम करने और बहादुर फाइटर पायलटों के साहसिक मिशन को कमतर आंकने का प्रयास है। सभी जानते हैं कि जब आप एक साथ चौदह 30,000 पाउंड के बम लक्ष्य पर गिराते हैं, तो पूरा ठिकाना ध्वस्त हो जाता है।”
ट्रंप और नेतन्याहू के दावे
ट्रंप ने "TruthSocial" पर रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ का बयान साझा करते हुए लिखा, “हमारे विशाल बमों ने अपने लक्ष्यों को सटीकता से भेदा और ईरान के परमाणु हथियार बनाने की क्षमता को पूरी तरह नष्ट कर दिया। जो कहता है कि हमले प्रभावी नहीं थे, वह मिशन की सफलता को कमजोर करना चाहता है।”
इसी तरह, बेंजामिन नेतन्याहू ने अपने टेलीविज़न संबोधन में कहा, “मैंने वर्षों से वादा किया था कि ईरान परमाणु हथियार नहीं बनाएगा, और हमने वाकई में ईरान के परमाणु कार्यक्रम को बर्बाद कर दिया है। अमेरिका का साथ मिलना ऐतिहासिक क्षण है।”
युद्धविराम और भ्रम
यह विवादास्पद रिपोर्ट ऐसे समय सामने आई है जब ईरान और इज़राइल ने सीज़फायर (युद्धविराम) पर सहमति जताई है। हालाँकि, ट्रंप द्वारा सोशल मीडिया पर अचानक युद्धविराम की घोषणा के बाद स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो गई थी।
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