"यह मेरी गलती थी": राहुल गांधी ने ओबीसी की पीड़ा को न समझ पाने की बात स्वीकार की

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शुक्रवार को यह स्वीकार किया कि पहले जातीय जनगणना न कराना उनकी गलती थी और अब वह इस गलती को सुधारेंगे। दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में ओबीसी समुदाय के लिए आयोजित ‘भागीदारी न्याय सम्मेलन’ को संबोधित..

"यह मेरी गलती थी": राहुल गांधी ने ओबीसी की पीड़ा को न समझ पाने की बात स्वीकार की
26-07-2025 - 10:37 AM

नयी दिल्ली। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शुक्रवार को यह स्वीकार किया कि पहले जातीय जनगणना न कराना उनकी गलती थी और अब वह इस गलती को सुधारेंगे। दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में ओबीसी समुदाय के लिए आयोजित ‘भागीदारी न्याय सम्मेलन’ को संबोधित करते हुए लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि तेलंगाना में हाल ही में हुई जातीय जनगणना देशभर में एक राजनीतिक भूकंप का कारण बनेगी।

अपने 21 साल के राजनीतिक जीवन पर विचार करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि उन्होंने भूमि अधिग्रहण विधेयक, मनरेगा, खाद्य सुरक्षा विधेयक और आदिवासी समुदायों के अधिकारों जैसे कई मुद्दों पर न्याय किया है।
हालांकि, उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि वह पिछड़े वर्गों (ओबीसी) के हितों की रक्षा करने में पीछे रह गए। उन्होंने कहा कि वह हमेशा दलितों और अनुसूचित जनजातियों की समस्याओं को समझते थे, लेकिन ओबीसी की चिंताओं को उतनी गहराई से नहीं समझ पाए।

उन्होंने सभा को बताया कि यह कांग्रेस पार्टी की नहीं, बल्कि उनकी खुद की गलती थी कि जातीय जनगणना की पहल पहले नहीं की गई।
"मुझे अफसोस है कि अगर मैं आपकी इतिहास और समस्याओं को और बेहतर समझता, तो मैं जातीय जनगणना करवा चुका होता। यह मेरी गलती है, कांग्रेस की नहीं। मैं अब इस गलती को सुधारने जा रहा हूं," राहुल गांधी ने कहा।

उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस शासित सभी राज्य जातीय जनगणना कराएंगे और जनसंख्या का एक तरह से “एक्स-रे” किया जाएगा।

राहुल गांधी ने तेलंगाना की जातीय जनगणना को एक "राजनीतिक भूकंप" बताते हुए कहा कि इसके झटके जल्द ही पूरे देश में महसूस किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि अब इसका समय सही है, क्योंकि यह पहले से कहीं अधिक गहराई और उद्देश्य के साथ की जाएगी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि उन्होंने मोदी से व्यक्तिगत रूप से कुछ बार मुलाकात की है और पाया कि वह सिर्फ दिखावा हैं, "असली में कुछ भी नहीं है"।
उन्होंने दावा किया कि मीडिया ने पीएम मोदी की छवि को "फुला-फुलाकर" पेश किया है और कहा कि मोदी असली समस्या नहीं हैं।
"आपने उन्हें बहुत ज्यादा अहमियत दे दी है। वो कोई समस्या नहीं हैं," उन्होंने कहा और यह भी जोड़ा, "जब मैं मोदी से मिला, तो समझ में आया कि अंदर कुछ भी नहीं है।"

राहुल गांधी ने ओबीसी युवाओं से अपनी ताकत पहचानने की अपील की और कहा कि आरएसएस उनका सबसे बड़ा दुश्मन है, क्योंकि वह उनकी इतिहास को मिटाने का प्रयास कर रहा है।
उन्होंने कहा कि यह मिटाने की प्रक्रिया हजारों सालों से किसी न किसी रूप में जारी है। उन्होंने ओबीसी युवाओं से एकजुट होने और अपने अधिकारों और प्रतिनिधित्व को लेकर जागरूक होने की अपील की।

उन्होंने दोहराया कि कांग्रेस पार्टी सभी कांग्रेस शासित राज्यों में जातीय जनगणना कराएगी और आरक्षण की 50 प्रतिशत की सीमा को खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि 21वीं सदी में "डेटा" (आँकड़े) बेहद जरूरी हैं और बताया कि अब तेलंगाना सरकार के पास यह जानकारी है कि एससी, एसटी और ओबीसी समुदायों का कॉर्पोरेट प्रबंधन और अन्य क्षेत्रों में कितना प्रतिनिधित्व है।

उन्होंने यह भी जोड़ा कि जहां ये समुदाय उच्च वेतन वाले कॉर्पोरेट पदों पर बहुत कम दिखाई देते हैं, वहीं मनरेगा और गिग इकोनॉमी जैसी कम वेतन वाली नौकरियों में इनकी ज्यादा भागीदारी है।

तेलंगाना जातीय सर्वे के आंकड़ों का हवाला देते हुए राहुल गांधी ने कहा कि यह डेटा साफ दिखाता है कि ओबीसी का सत्ता संरचना में घोर अभाव है।
उन्होंने ओबीसी को देश की "उत्पादक शक्ति" बताते हुए कहा कि वे देश के लिए खाना पैदा करते हैं, बुनियादी ढांचे का निर्माण करते हैं और आवश्यक सेवाओं का समर्थन करते हैं — लेकिन उन्हें बदले में कुछ नहीं मिलता।
"अगर आप अपने खून, पसीने और मेहनत से देश बनाते हैं, तो देश आपको बदले में क्या देता है?" उन्होंने पूछा।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बीजेपी और आरएसएस मिलकर ओबीसी समुदाय की इतिहास को मिटाने में लगे हैं, क्योंकि उन्हें डर है कि एक बार अगर ओबीसी समुदाय को अपनी असली पहचान का एहसास हो गया, तो उन्हें समझ में आ जाएगा कि आरएसएस ही उनका सबसे बड़ा खतरा है।

इस कार्यक्रम में कई वरिष्ठ कांग्रेस नेता भी मौजूद थे, जिनमें कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया, राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, सचिन पायलट और अनिल जयहिंद शामिल थे।

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।