‘हो सकता है एक दिन वो भारत को तेल बेचें’: अमेरिका-पाकिस्तान का ‘तेल भंडार समझौता’, ट्रंप ने भविष्य के निर्यात के दिए संकेत
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को घोषणा की कि अमेरिका और पाकिस्तान के बीच 'विशाल तेल भंडार' को विकसित करने के लिए एक समझौता हुआ है। इसके साथ ही ट्रंप ने इशारा किया कि आने वाले समय में यह तेल भारत को भी निर्यात..
वॉशिंगटन। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को घोषणा की कि अमेरिका और पाकिस्तान के बीच 'विशाल तेल भंडार' को विकसित करने के लिए एक समझौता हुआ है। इसके साथ ही ट्रंप ने इशारा किया कि आने वाले समय में यह तेल भारत को भी निर्यात किया जा सकता है।
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर लिखा, "हमने अभी पाकिस्तान के साथ एक डील पूरी की है, जिसके तहत पाकिस्तान और अमेरिका मिलकर उनके विशाल तेल भंडार का विकास करेंगे।"
उन्होंने आगे कहा,"हम उस तेल कंपनी का चयन कर रहे हैं, जो इस साझेदारी का नेतृत्व करेगी। कौन जाने, एक दिन वे भारत को भी तेल बेच सकते हैं!"
यह बयान तब आया है जब ट्रंप ने हाल ही में भारत पर 25% टैरिफ (शुल्क) लगाए हैं और रूस से हथियार व कच्चा तेल खरीदने को लेकर अधिक दंडात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी है।
इससे पहले ट्रंप ने कहा था कि अमेरिका भारत के साथ व्यापार समझौते पर बातचीत कर रहा है, जिसमें भारत की ब्रिक्स सदस्यता भी एक बड़ा कारक है। उन्होंने दावा किया कि भारत टैरिफ में बड़ी कटौती करने के लिए तैयार है और सप्ताह के अंत तक और जानकारी सामने आ सकती है।
ट्रंप ने कहा,"हम फिलहाल बातचीत कर रहे हैं और इसमें ब्रिक्स भी एक मुद्दा है। ब्रिक्स, जो मूलतः अमेरिका विरोधी देशों का समूह है और भारत उसका सदस्य है…
यह डॉलर पर हमला है और हम किसी को भी डॉलर पर हमला नहीं करने देंगे।
इसलिए यह आंशिक रूप से ब्रिक्स है और आंशिक रूप से व्यापार…हमारे बीच भारी व्यापार घाटा रहा है।"
गौरतलब है कि फरवरी 2022 से, भारत ने रूसी कच्चे तेल को बड़ी मात्रा में रियायती दरों पर खरीदना शुरू किया था, जब यूक्रेन युद्ध के बाद पश्चिमी देशों ने रूस पर प्रतिबंध लगाए थे और कई अंतरराष्ट्रीय खरीदारों ने रूसी तेल से किनारा कर लिया था।
अब रूस, भारत की कुल तेल आयात का लगभग एक-तिहाई आपूर्ति करता है, जबकि संघर्ष से पहले यह आंकड़ा 1% से भी कम था।
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