मोनोरेल ठप, मुंबईकर अब बसों के भरोसे
देश वाणिज्यिक राजधानी मुंबई में मोनोरेल सेवा को शनिवार से अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन डेवलपमेंट अथॉरिटी (एमएमआरडीए) ने बार-बार सामने आ रही तकनीकी खामियों और यात्री सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया है..
मुंबई। देश वाणिज्यिक राजधानी मुंबई में मोनोरेल सेवा को शनिवार से अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन डेवलपमेंट अथॉरिटी (एमएमआरडीए) ने बार-बार सामने आ रही तकनीकी खामियों और यात्री सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया है। प्राधिकरण का कहना है कि व्यापक रखरखाव और सुधार कार्य के बाद ही सेवा बहाल की जाएगी।
सेवा बंद होने से यात्रियों में असंतोष स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। दादर के विट्ठल मंदिर मोनोरेल स्टेशन पर कई यात्रियों ने नाराज़गी जताई। एक यात्री ने कहा, “मोनोरेल हमारे लिए तेज और आसान विकल्प था, लेकिन अब हमें बसों पर निर्भर होना पड़ रहा है, जो समय पर उपलब्ध नहीं होतीं।” वहीं, दूसरे यात्री का कहना था कि मोनोरेल से सफर आसान होता था और ट्रैफिक से राहत मिलती थी, लेकिन अब मुश्किलें बढ़ गई हैं।
एमएमआरडीए ने बताया कि पिछले कुछ हफ्तों में तकनीकी गड़बड़ियों के कारण सेवाओं में लगातार रुकावटें आई थीं। यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कई बार आपातकालीन उपाय करने पड़े। अब एक विशेष जांच समिति तकनीकी खामियों की जांच कर रही है।
जानकारी के अनुसार, मुंबई मोनोरेल में पहली बार हैदराबाद में विकसित स्वदेशी सीबीटीसी सिग्नलिंग सिस्टम लगाया जा रहा है। अब तक 32 स्थानों पर इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग, 260 वाई-फाई एक्सेस प्वाइंट, 500 आरएफआईडी टैग और 90 ट्रेन डिटेक्शन सिस्टम लगाए जा चुके हैं। वे-साइड सिग्नलिंग का काम पूरा हो चुका है और एकीकृत परीक्षण जारी है।
हालांकि, यात्रियों ने मांग की है कि सेवा को जल्द से जल्द बहाल किया जाए क्योंकि यह भीड़भाड़ वाले शहर में एक सुविधाजनक और किफायती विकल्प था। एमएमआरडीए ने अभी तक बहाली की कोई निश्चित तारीख घोषित नहीं की है।
What's Your Reaction?