निक्की हेली ने ट्रंप से की अपील..‘भारत को प्रतिद्वंद्वी नहीं, कीमती साझेदार समझें’
अमेरिका द्वारा भारत पर 50% टैरिफ (शुल्क) लगाने से बढ़ते तनाव के बीच, संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका की पूर्व राजदूत निक्की हेली ने अमेरिका-भारत संबंधों की पुनः समीक्षा की मांग की है। उन्होंने वॉशिंगटन से कहा कि भारत को “एक मूल्यवान, स्वतंत्र और लोकतांत्रिक साझेदार” की तरह देखा जाए, न कि चीन..
वॉशिंगटन। अमेरिका द्वारा भारत पर 50% टैरिफ (शुल्क) लगाने से बढ़ते तनाव के बीच, संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका की पूर्व राजदूत निक्की हेली ने अमेरिका-भारत संबंधों की पुनः समीक्षा की मांग की है। उन्होंने वॉशिंगटन से कहा कि भारत को “एक मूल्यवान, स्वतंत्र और लोकतांत्रिक साझेदार” की तरह देखा जाए, न कि चीन जैसा प्रतिद्वंद्वी।
हेली ने अपने न्यूज़वीक (Newsweek) में लिखे लेख में चेतावनी दी कि अगर अमेरिका ने एशिया में चीन के प्रभुत्व को संतुलित करने में भारत की भूमिका को नज़रअंदाज़ किया, तो यह 25 साल की द्विपक्षीय प्रगति को खत्म करने वाली “रणनीतिक गलती” होगी।
भारत को ‘कीमती साझेदार’ बताने के मुख्य बिंदु
- चीन से तुलना
हेली ने कहा—"भारत को उस कीमती लोकतांत्रिक साझेदार की तरह मानना चाहिए जो वह है न कि चीन जैसा विरोधी, जो रूस से तेल खरीदकर भी अब तक प्रतिबंधों से बचा हुआ है।" - भारत: चीन का स्वाभाविक विकल्प
उन्होंने ज़ोर दिया कि “कम्युनिस्ट चीन के विपरीत, लोकतांत्रिक भारत का उदय मुक्त विश्व के लिए खतरा नहीं है। चीन का सामना करने के लिए अमेरिका और भारत की साझेदारी स्वाभाविक और ज़रूरी है।” - मैन्युफैक्चरिंग में भारत की क्षमता
हेली ने कहा कि अमेरिका की आपूर्ति शृंखला (supply chain) को चीन से दूर करने में भारत अहम भूमिका निभा सकता है।
“भारत वस्त्र, सस्ते मोबाइल और सोलर पैनल जैसे उत्पादों के लिए चीन जैसी बड़े पैमाने की मैन्युफैक्चरिंग क्षमता रखता है, जिन्हें अमेरिका में तुरंत या सस्ते में नहीं बनाया जा सकता।” - मध्य-पूर्व में भारत का बढ़ता प्रभाव
हेली ने कहा—"जैसे-जैसे अमेरिका अपनी सैन्य और आर्थिक मौजूदगी मध्य-पूर्व में कम कर रहा है, भारत का बढ़ता प्रभाव और सुरक्षा भूमिका क्षेत्र को स्थिर करने में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।" - भारत: सबसे तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्था
उनके मुताबिक, “भारत दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था है और जल्द ही जापान को पीछे छोड़ देगा। चीन की वैश्विक व्यवस्था बदलने की महत्वाकांक्षा, भारत की शक्ति बढ़ने के साथ सिमट जाएगी।” - भारत-चीन टकराव और अमेरिकी हित
हेली ने गालवान घाटी (2020) जैसी सीमा झड़पों का ज़िक्र करते हुए कहा कि भारत के साथ मजबूत साझेदारी न केवल अमेरिका के हित में है बल्कि इससे भारत को चीन के खिलाफ और अधिक “आर्थिक व सैन्य दबाव” बनाने की क्षमता मिलेगी।
व्यापार विवाद को स्थायी मतभेद बनने से रोकने की सलाह
निक्की हेली ने आगाह किया कि अमेरिका-भारत व्यापार विवाद को “स्थायी दरार” में बदलना एक “बड़ी और टाली जा सकने वाली गलती” होगी। उन्होंने चिंता जताई कि इस हालात का फ़ायदा चीन उठा सकता है।
उन्होंने भारत को सलाह दी कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के रूसी तेल को लेकर उठाए गए बिंदुओं को गंभीरता से लिया जाए और व्हाइट हाउस के साथ मिलकर समाधान निकाला जाए।
What's Your Reaction?