पंजाब: उपचुनाव से तीन दिन पहले चुनाव आयोग ने तरनतारन की एसएसपी को निलंबित किया
पंजाब के तरनतारन में उपचुनाव से ठीक तीन दिन पहले एक बड़ा प्रशासनिक फैसला सामने आया है। भारत के चुनाव आयोग (ECI) ने शनिवार को तरनतारन की वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) डॉ. रवजोत कौर ग्रेवाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के निर्देश जारी..
चंडीगढ़। पंजाब के तरनतारन में उपचुनाव से ठीक तीन दिन पहले एक बड़ा प्रशासनिक फैसला सामने आया है। भारत के चुनाव आयोग (ECI) ने शनिवार को तरनतारन की वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) डॉ. रवजोत कौर ग्रेवाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के निर्देश जारी किए।
इसी के साथ अमृतसर पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर को अस्थायी रूप से तरनतारन का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया। हालांकि बाद में राज्य सरकार ने चुनाव आयोग की मंजूरी के बाद सुरिंदर लांबा को नया तरनतारन एसएसपी नियुक्त किया।
अकाली दल की शिकायत पर कार्रवाई
यह सख्त कदम ऐसे समय में उठाया गया जब 11 नवंबर को तरनतारन विधानसभा उपचुनाव होना है।
शिरोमणि अकाली दल (SAD) अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने चुनाव आयोग के नियुक्त पर्यवेक्षक से मुलाकात कर लिखित शिकायत दी थी कि एसएसपी ग्रेवाल पंजाब में सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (AAP) की मदद के लिए अपने अधिकारों का दुरुपयोग कर रही हैं।
इसके बाद अकाली दल का एक प्रतिनिधिमंडल चंडीगढ़ में पंजाब के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) से भी मिला और शिकायत सौंपी।
अकाली दल ने आरोप लगाया कि आप सरकार पुलिस बल का उपयोग उपचुनाव को प्रभावित करने के लिए कर रही है।
“अकाली कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया जा रहा था”
SAD नेताओं ने अपने ज्ञापन में कहा कि तरनतारन के पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं को उपचुनाव से पहले जबरन हिरासत में लिया गया।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग उम्मीदवार सुखविंदर कौर रंधावा, उनके परिवार और अकाली समर्थकों को निशाना बनाने के लिए किया जा रहा था।
बादल ने यहां तक कहा कि सुखविंदर कौर और उनकी बेटी कंचनप्रीत कौर की निगरानी की जा रही थी।
उन्होंने दावा किया कि दो सादे कपड़ों में पुलिसकर्मी कंचनप्रीत कौर का पीछा करते पकड़े गए और बाद में उन्होंने खुद को क्राइम इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (CIA) के सदस्य बताया।
शिकायत के बाद चुनाव आयोग की कार्रवाई
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बादल की शिकायत को चुनाव आयोग (ECI) को भेजा, जिसके बाद एसएसपी को निलंबित कर दिया गया।
निर्णय का स्वागत करते हुए सुखबीर सिंह बादल ने कहा, “ग्रेवाल तरनतारन उपचुनाव का माहौल बिगाड़ रही थीं और आप पार्टी की पोलिंग एजेंट की तरह काम कर रही थीं।
वे अकाली नेताओं और कार्यकर्ताओं पर झूठे केस दर्ज कर रही थीं और उन्हें अवैध हिरासत व धमकियों का सामना करना पड़ रहा था।”
बादल ने चुनाव पर्यवेक्षक का आभार जताया और कहा कि उन्होंने शिकायत पर तुरंत कार्रवाई की और मामला चुनाव आयोग तक पहुंचाया।
उन्होंने यह भी कहा, “ग्रेवाल का यह पक्षपातपूर्ण रवैया गंभीर जांच और अनुशासनात्मक कार्रवाई का पात्र है, जिसमें सेवा से बर्खास्तगी भी शामिल हो सकती है।”
पहले भी अधिकारियों पर कार्रवाई
बताया गया कि ग्रेवाल को सितंबर में तरनतारन का एसएसपी नियुक्त किया गया था। उनके निलंबन से पहले दो डीएसपी – जगजीत सिंह और सुखबीर सिंह को भी चुनाव आयोग ने ट्रांसफर कर दिया था।
कांग्रेस ने भी किया समर्थन
इस निर्णय का कांग्रेस पार्टी ने भी स्वागत किया। एआईसीसी सचिव और विधायक परगट सिंह ने कहा, “भले ही यह कार्रवाई देर से हुई है लेकिन निष्पक्ष और स्वतंत्र चुनाव के लिए यह बिल्कुल सही कदम है।”
उन्होंने आरोप लगाया कि “आप सरकार उपचुनाव में पुलिस और प्रशासन का खुला दुरुपयोग कर रही थी।”
उपचुनाव का कार्यक्रम
- मतदान तिथि: 11 नवंबर 2025
- परिणाम घोषणा: 14 नवंबर 2025
- कारण: यह सीट जून में आप विधायक कश्मीर सिंह सोहल के निधन के बाद खाली हुई थी।
What's Your Reaction?