भारत की रूसी तेल खरीद पर की गई आलोचनाओं पर पुतिन का जवाब: ‘अमेरिका अब भी हमसे परमाणु ईंधन खरीदता है, तो भारत क्यों नहीं?’

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भारत द्वारा रूस से ऊर्जा संसाधन खरीदने का जोरदार बचाव किया है। उन्होंने कहा कि नयी दिल्ली को भी वही अधिकार है जो वॉशिंगटन को मॉस्को से ईंधन खरीदने का..

भारत की रूसी तेल खरीद पर की गई आलोचनाओं पर पुतिन का जवाब: ‘अमेरिका अब भी हमसे परमाणु ईंधन खरीदता है, तो भारत क्यों नहीं?’
05-12-2025 - 10:39 AM

नयी दिल्ली। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भारत द्वारा रूस से ऊर्जा संसाधन खरीदने का जोरदार बचाव किया है। उन्होंने कहा कि नयी दिल्ली को भी वही अधिकार है जो वॉशिंगटन को मॉस्को से ईंधन खरीदने का है।

अमेरिका रूस से परमाणु ईंधन खरीदता है: पुतिन

भारत की रूसी तेल खरीद पर की जाने वाली आलोचनाओं पर प्रतिक्रिया देते हुए पुतिन ने इस बात की ओर इशारा किया कि अमेरिका स्वयं भी रूस से ईंधन खरीदना जारी रखता है।

इंडिया टुडे के साथ साक्षात्कार के दौरान पुतिन ने कहा, जहाँ तक भारत द्वारा रूस से ऊर्जा संसाधन खरीदने का सवाल है, मैं यह बताना चाहूँगा… कि संयुक्त राज्य अमेरिका खुद अपने परमाणु ऊर्जा संयंत्रों के लिए हमसे अभी भी परमाणु ईंधन खरीदता है।”

उन्होंने आगे कहा कि यदि वॉशिंगटन ऐसे लेन-देन कर सकता है, तो नई दिल्ली को ऐसा करने पर सवालों का सामना क्यों करना चाहिए?

उन्होंने कहा, यह भी ईंधन है..अमेरिका में संचालित रिएक्टरों के लिए यूरेनियम। यदि अमेरिका को हमारा ईंधन खरीदने का अधिकार है, तो भारत को वही विशेषाधिकार क्यों नहीं होना चाहिए?”

भारत की रूसी तेल खरीद पर ट्रम्प के टैरिफ

पुतिन ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा भारत के रूसी तेल से जुड़े आयात पर अतिरिक्त शुल्क लगाने के फैसले पर भी प्रतिक्रिया दी।

अगस्त में ट्रम्प ने टैरिफ में 25% की बढ़ोतरी कर दी, जिससे कुल शुल्क 50% हो गया—रूसी तेल के मुद्दे पर किसी भी देश पर लगाया गया सबसे अधिक शुल्क।

तेज बढ़ोतरी के बावजूद पुतिन ने ट्रम्प की सीधी आलोचना से परहेज़ किया और उनकी नीति को एक "सोच-समझी आर्थिक रणनीति" का हिस्सा बताया।

पुतिन ने कहा, मेरा मानना है कि वे (ट्रम्प) ईमानदारी से काम कर रहे हैं। वे अपनी नीतियों का पालन करते हैं और उनके पास सलाहकार हैं। उनके फैसले यूँ ही अचानक नहीं हो जाते।”

पुतिन के मुताबिक, ट्रम्प के सलाहकार मानते हैं कि आक्रामक टैरिफ नीति अंततः अमेरिकी अर्थव्यवस्था के हित में है।

उन्होंने कहा, उनके सलाहकारों का मानना है कि ऐसे टैरिफ कदम… अंत में अमेरिकी अर्थव्यवस्था के लिए फायदेमंद होते हैं।”

रूस ऐसे टैरिफ तरीकों का विरोध करता है

रूसी राष्ट्रपति ने दोहराया कि मॉस्को ऐसी टैरिफ-आधारित नीतियों का समर्थन नहीं करता। उन्होंने कहा, हमारे विशेषज्ञ मानते हैं कि ऐसे कदमों में जोखिम हैं, लेकिन हर देश और उसकी नेतृत्व टीम को तय करना होता है कि कौन सी आर्थिक नीति अपनानी है।” उन्होंने कहा, हमने कभी ऐसे तरीकों का सहारा नहीं लिया, अभी भी ऐसा नहीं करते  और भविष्य में भी ऐसा करने का इरादा नहीं रखते। हमारी अर्थव्यवस्था खुली है।”

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।