आरबीआई द्वारा 25 बेसिस प्वाइंट की दर कटौती की संभावना: अर्थशास्त्री

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए आयात शुल्क (टैरिफ्स) के कारण वैश्विक व्यापार में अनिश्चितताओं के बावजूद, अधिकतर अर्थशास्त्रियों का मानना है कि भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) अपनी तीन दिवसीय मौद्रिक नीति बैठक के अंत में 9 अप्रैल को 25 बेसिस प्वाइंट (bps) की दर कटौती कर सकता है..

आरबीआई द्वारा 25 बेसिस प्वाइंट की दर कटौती की संभावना: अर्थशास्त्री
07-04-2025 - 05:22 PM

मुंबई। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए आयात शुल्क (टैरिफ्स) के कारण वैश्विक व्यापार में अनिश्चितताओं के बावजूद, अधिकतर अर्थशास्त्रियों का मानना है कि भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) अपनी तीन दिवसीय मौद्रिक नीति बैठक के अंत में 9 अप्रैल को 25 बेसिस प्वाइंट (bps) की दर कटौती कर सकता है।
(100 बेसिस प्वाइंट = 1 प्रतिशत अंक)

इस अनुमान की प्रमुख वजहें हैं:

  • मुद्रास्फीति (महंगाई) का आरबीआई के अनुमान से नीचे आना
  • आर्थिक विकास की रफ्तार में नरमी के संकेत

इन वजहों ने मौद्रिक नीति में ढील (monetary easing) की गुंजाइश बना दी है।

बैंक ऑफ बड़ौदा की अर्थशास्त्री सोनल बाधन ने कहा,पिछली बैठक के बाद से महंगाई नियंत्रण में है, जिससे आरबीआई को विकास को सहारा देने और ‘कम सख्त’ मौद्रिक नीति अपनाने की गुंजाइश मिलती है।”

उन्होंने उम्मीद जताई कि इस बार 25bps की कटौती हो सकती है। साथ ही नीति रुख 'समायोजनात्मक' (accommodative) हो सकता है। कुल मिलाकर इस चक्र में 75bps तक की कटौती संभव है

एक अन्य सहायक कारक है, अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों में तेज गिरावट और डॉलर इंडेक्स में कमी आना।

कुछ संस्थाएं जैसे बार्कलेज तो 35bps की कटौती की संभावना भी देख रही हैं। डीबीएस बैंक की राधिका राव भी रेपो रेट में 25bps की कटौती की उम्मीद कर रही हैं, जिससे यह दर 6% रह सकती है। उन्होंने कहा,देश के भीतर के आंकड़े महंगाई और विकास दोनों में नरमी दिखा रहे हैं, जिससे मौद्रिक नीति समिति (MPC) को दरों में और कटौती का रास्ता साफ मिला है। साथ ही रुपये पर गिरावट का दबाव भी काफी हद तक कम हुआ है।”

उन्होंने यह भी बताया, मूल मुद्रास्फीति (Trimmed inflation) काफी नियंत्रण में है। इसके अलावा उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) की दो-तिहाई से अधिक वस्तुएं वर्ष-दर-वर्ष 4% से नीचे हैं (2025 की शुरुआत में)।

हालांकि उन्होंने आगाह भी किया कि वैश्विक परिदृश्य अब भी अस्थिर है। व्यापार में विकृति (Trade distortions) अमेरिका में स्टैगफ्लेशन (मुद्रास्फीति के साथ मंदी) का खतरा बढ़ा सकती है और वैश्विक व्यापार की रफ्तार को प्रभावित कर सकती है।”

बार्कलेज इंडिया की मुख्य अर्थशास्त्री आस्था गुढवानी का भी मानना है कि 25bps कटौती बेस केस है लेकिन अगर CPI महंगाई में बड़ी गिरावट को देखते हुए, 35bps की 'गैर-मानक' (non-standard) कटौती भी हो सकती है।

उन्होंने कहा, फरवरी 2025 में CPI महंगाई 3.6% रही, जो हमारे अपेक्षा से भी कम थी।” हालांकि उन्होंने यह भी जोड़ा कि इस तरह की बड़ी कटौती को 'घबराहट' के संकेत के रूप में नहीं देखना चाहिए।”

बार्कलेज का अनुमान:

  • FY26 (वित्त वर्ष 2025-26) में महंगाई 4% तक रह सकती है
  • दिसंबर 2025 तक नीतिगत दर (Policy rate) 5.5% तक आ सकती है

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।